पटवारी भर्ती परीक्षा: 530 पदों के लिए 1.60 लाख आवेदन, 12.80 करोड़ की फीस जमा

शिमला।
हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (HPRCA) द्वारा आयोजित की जा रही पटवारी भर्ती परीक्षा प्रदेश में बेरोजगारी की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। मात्र 530 पदों के लिए अब तक करीब 1 लाख 60 हजार युवाओं ने आवेदन किया है।

प्रत्येक आवेदन की फीस ₹800 निर्धारित की गई थी। इस हिसाब से आयोग के खाते में ₹12 करोड़ 80 लाख की राशि जमा हो चुकी है।

प्रदेश के युवाओं का कहना है कि उन्हें रोजगार चाहिए, लेकिन अवसर सीमित हैं। एक छोटे से पद के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवेदन होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में बेरोजगारी किस स्तर पर पहुंच चुकी है।

परीक्षा के नाम पर बड़ा आर्थिक कारोबार

पटवारी भर्ती परीक्षा सिर्फ चयन प्रक्रिया तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके इर्द-गिर्द एक बड़ा आर्थिक कारोबार भी खड़ा हो गया है।

लगभग 1.60 लाख पुस्तकों की प्रिंटिंग और बिक्री

कोचिंग संस्थानों में ऑफलाइन और ऑनलाइन तैयारियां

ऑनलाइन कोचिंग के लिए प्रति अभ्यर्थी औसतन ₹8,000 फीस

अनुमान है कि केवल इस एक परीक्षा के चलते प्रदेश में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक सरकुलेशन होने जा रहा है, जिससे पब्लिशर, किताब विक्रेता और कोचिंग संस्थान लाभ कमा रहे हैं।

पारदर्शिता पर टिकी युवाओं की उम्मीद

हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग का अतीत विवादों से भरा रहा है, जहां पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि अब हालात बदले हैं और इसी उम्मीद के साथ युवाओं ने बड़ी संख्या में आवेदन किए हैं।

इसके बावजूद यह चर्चा भी आम है कि भर्ती प्रक्रिया में राजनीतिक सिफारिशों की भूमिका को लेकर युवाओं में आशंकाएं बनी हुई हैं। परीक्षा की तिथि और प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

अब देखना यह होगा कि क्या पटवारी भर्ती परीक्षा वास्तव में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मिसाल बन पाती है या फिर बेरोजगार युवाओं की उम्मीदें एक बार फिर टूटती हैं।

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