
#खबर अभी अभी नाहन ब्यूरो*
19 सितंबर 2024
प्रदेश सरकार खुद तैयार करेगी 220 केवी का स्टेशन, इंडस्ट्रीयल एरिया के साथ दूसरे क्षेत्रों में मिलेगी राहत
प्रदेश के प्रमुख क्षेत्र पांवटा साहिब, नाहन और धौलाकुआं के लिए पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से ली जा रही बिजली आगे नहीं ली जाएगी। अभी तक इन क्षेत्रों के लिए उत्तराखंड पर हिमाचल की निर्भरता है जबकि हिमाचल के पास अपनी बिजली की कोई कमी नहीं है, परंतु इन क्षेत्रों के लिए ट्रांसमिशन की जो हैवी लाइन चाहिए वो हिमाचल के पास नहीं है। अब हिमाचल प्रदेश यहां खुद अपनी ट्रांसमिशन लाइन तैयार करने वाला है, जिससे उत्तराखंड पर निर्भरता तो खत्म होगी, वहीं इंडस्ट्रीयल एरिया व आसपास के क्षेत्रों की बिजली की समस्या पूरी तरह से हल हो जाएगी। यहां राज्य सरकार ने तय किया है कि पांवटा क्षेत्र के लिए अपनी ट्रांसमिशन लाइन बनाई जाएगी जिसके लिए टेंडर फाइनल हो गया है।
प्रदेश का ट्रांसमिशन कारपोरेशन यहां पांवटा में 220 केवी क्षमता का एक ट्रांसमिशन स्टेशन बनाएगा, जिसकी कुल लागत 115 करोड़ रुपए की होगी। बताया जाता है कि टेंडर के लिए जो भी औपचारिकताएं हैं वो लगभग पूरी हो चुकी हैं और इसी सप्ताह टेंडर कर दिया जाएगा। पांवटा में काफी बड़ा इंडस्ट्रीयल एरिया है और वहां की जरूरत को पूरा करने के लिए अभी उत्तराखंड से बिजली लेनी पड़ती है। यहां पर ट्रांसमिशन नेटवर्क की बेहद ज्यादा जरूरत है, जो हिमाचल अब तक तैयार नहीं कर पाया है।
अब ट्रांसमिशन कारपोरेशन को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, जिसने यहां पर जगह भी देख ली है। यहां बता दें कि उत्तराखंड से इन क्षेत्रों के लिए 200 एमवीए क्षमता तक बिजली ली जाती है। उत्तराखंड सरकार ने 200 एमवीए पर कैपिंग लगा रखी है, जिससे ज्यादा बिजली उनसे नहीं ली जा सकती।





