
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा पीटरहॉफ में आयोजित जय हिंद सभा में प्रदेश के 50 पूर्व सैनिकों व उनके परिवारजनों को सम्मानित किया। इस दौरान वीर सैनिकों और उनके बलिदान को भी याद किया गया। इस सभा में जहां मंच पर शहीद मेजर पवन कुमार के पिता गरज सिंह को साथ बिठाया, वहीं उन्हें 20 लाख रुपए का चेक भी प्रदान किया। उनके बेटे अभिषेक को भी सरकार ने 10 लाख का चेक दिया। इसके अलावा शहीद नायक दिलावर खान की पत्नी जमीला को सरकार ने 15 लाख की सम्मान राशि का चेक दिया। हवलदार रोहित कुमार की पत्नी भारत लक्ष्मी को 10 लाख की राशि दी गई। 50 पूर्व सैनिकों व उनके परिवारजनों को यहां पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर कांग्रेस के अजय माकन व रजनी पाटिल समेत तमाम नेता मौजूद थे। मंच पर आए शहीदों के परिजनों के बुजुर्गों को मुख्यमंत्री ने गले भी लगाया।कई बुजुर्ग माताओं ने मंच पर ही सीएम को अपना दुखड़ा सुनाया, जिनकी हर समस्या का निराकरण करने का आश्वासन मुख्यमंत्री सुक्खू ने उन्हें दिया। यहां उनके प्रति मुख्यमंत्री का दर्द साफ झलक रहा था। सीएम उनको सम्मानित करते हुए खुद भाव-विभोर हो गए। अंत में सभी परिजनों व पूर्व सैनिकों ने सीएम से अलग-अलग मुलाकात की और उनसे बातचीत की, जिन्हें मुख्यमंत्री ने अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया। कांग्रेस की इस जय हिंद सभा में जिन पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को सम्मानित किया गया उनमें कीर्ति चक्र विजेताओं में बिलासपुर जिला के शहीद सूबेदार संजीव कुमार की धर्मपत्नी सुजाता, शिमला जिला के शहीद सिपाही पवन कुमार की धर्मपत्नी भजन और माता दासी, चंबा के शहीद सिपाही जगदीश चंद के परिवार से स्नेह लता, सोलन के राजिंद्र की पत्नी सुनीता, कांगड़ा के कर्नल संजीव सिंह के पिता केहर सिंह को सम्मान मिला।
उनके साथ ऊना जिला के वीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन अमोल कालिया के पिता सतपाल कालिया, बिलासपुर जिला के वीर चक्र विजेता कैप्टन रूप लाल, ऊना के वीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन सुखदेव सिंह, कांगड़ा जिला के वीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन भगवान सिंह राणा की धर्मपत्नी कमलेश, हमीरपुर जिला के वीर चक्र विजेता शहीद हवलदार रमेश कुमार की धर्मपत्नी मीना, बिलासपुर के वीर चक्र विजेता हवलदार उधम सिंह, ऊना के शहीद हवलदार कांसी राम की पत्नी रोशनी, ऊना के शौर्य चक्र विजेता कर्नल कंवर सरबजीत सिंह पंवर, ऊना के शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन सुशील कुमार, कांगड़ा जिला के शौर्य चक्र विजेता शहीद हॉनरेरी कैप्टन पृथ्वी सिंह के पोते शीतल, कांगड़ा जिला के शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन मदन लाल, कांगड़ा जिला के शौर्य चक्र विजेता शहीद ऑनरेरी कैप्टन माधो राम की पत्नी अजुधिया देवी, मंडी के शौर्य चक्र तथा सेना मेडल विजेता ऑनरेरी कैप्टन हलका राम, किन्नौर के शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन पालडेन गयाचो, किन्नौर के शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन भाग चैन, किन्नौर के शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन महेंद्र सिंह, लाहुल-स्पीति के शौर्य चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन नील चंद, शिमला के शौर्य चक्र विजेता शहीद सूबेदार वेद प्रकाश की ओर से शकुंतला देवी, कांगड़ा के शौर्य चक्र विजेता शहीद सूबेदार ध्यान सिंह की पत्नी ललिता कुमारी को सम्मानित किया गय। इसके अलावा शौर्य चक्र विजेताओं में सोलन जिला के शहीद नायब सूबेदार जगत राम के परिजन, किन्नौर के शहीद नायब राज बहादुर की ओर से प्रेम भगती, हमीरपुर के शहीद हवलदार पुरषोतम ंिसह की धर्मपत्नी राजो, हमीरपुर के नायक नरेंद्र सिंह, सिरमौर के शहीद नायक राजेश कुमार की पत्नी राखी वर्मा, शिमला के शहीद रायफलमैन कुलभूषण मांटा की धर्मपत्नी नीटू, हमीरपुर के शहीद सिपाही लखबीर सिंह की पत्नी लता देवी, कांगड़ा के शहीद सिपाही रणजीत सिंह की पत्नी बीना देवी, कांगड़ा जिला के शहीद सिपाही जतिंद्र सिंह की माता आशा पठानिया, ऊना के शहीद सिपाही ब्रजेश कुमार के पिता गुरदास राम, कांगड़ा के प्रताप चंद, हमीरपुर के सिपाही शहीद प्यार चन्द की ओर से कमलेश देवी, बिलासपुर के शहीद सिपाही कर्मचंद की पत्नी राम देई को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान कांगड़ा के अति विशिष्ट सेना मेडल विजेता मेजर जनरल डीवीएस राणा के साथ सेना मेडल विजेताओं में बिलासपुर के ले. कर्नल पीएस अत्री, सिरमौर के ऑनरेरी कैप्टन अजीत सिंह और ऑनरेरी कैप्टन रणजीत सिंह राणा, मंडी के ऑनरेरी कैप्टन गंगा राम व ऑनरेरी कैप्टन लालमन, चंबा के नायब सूबेदार कृपाल सिंह, सिरमौर के नायक दलीप सिंह, सोलन के ऑनरेरी कैप्टन रमेश कुमार, कुल्लू के ऑनरेरी कैप्टन खेम चंद तथा बीएसएफ इंस्पेक्टर व्यास देव की ओर से परमजीत को इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
भारत माता के नारों से गूंजा पीटरहॉफ
पीटरहॉफ के मैदान में मौजूद हरेक व्यक्ति के हाथ में तिरंगा लहरा रहा था और उस समय सेना के पराक्रम का सहसा ही अंदाजा लग रहा था जब भारत माता के नारों से पूरा सभागार गुंजायमान हो गया। इस दौरान स्व. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का इस समय का संबोधन सभी को सुनाया गया, जब भारत ने पाकिस्तान पर वर्ष 1971 में जीत दर्ज की थी। यहां कांग्रेस के दो नेता मंत्री धनीराम शांडिल व सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह हासिल किए गए सेना के मेडल के साथ दिखे। कर्नल धनी राम शांडिल सेना की कैप और छाती पर मेडल लगाकर पहुंचे थे।





