प्रदेश कांग्रेस में कार्यकारिणी विस्तार से पहले नेताओं की परीक्षा, रैली के लिए तैयारियांं तेज

शिमला |

कांग्रेस पार्टी की कार्यकारिणी के गठन से पहले यहां नेताओं की परीक्षा होने वाली है। कांग्रेस ने राज्य स्तरीय रैली शिमला में करनी है और यहां पर भीड़ जुटाने की बड़ी चुनौती है। रैली के लिए समय बहुत कम बचा है और ऐसे में नेताओं को देखना होगा कि आखिर कैसे इस रैली को सफल बनाएं। क्योंकि प्रदेश कांगे्रस की प्रभारी रजनी पाटिल इस रैली में मौजूद रहेंगी, लिहाजा नेताओं को अपना शक्ति प्रदर्शन करना होगा। यह चुनौती सरकार के मंत्रियों के लिए तो है ही, साथ ही उन नेताओं के लिए भी है, जो चाहते हैं कि उनको संगठन में अच्छा ओहदा मिल जाए। अभी तक यह नेता गायब हैं लेकिन अब कांगे्रस के इस अभियान को सफल बनाने के लिए उन्हें काम करना होगा। माना जा रहा है कि रजनी पाटिल फिलहाल कांग्रेस कमेटी के गठन को लेकर शायद ही कोई घोषणा करें।

प्रदेश प्रभारी के सामने दिखाना होगा दम

रजनी पाटिल के साथ प्रदेश के दो सह प्रभारी भी आएंगे और पूरा आकलन किया जाएगा कि आखिर किस नेता में कितना दम है। इसके बाद ही तय होगा कि संगठन में किसे आगे बढ़ाया जाएगा। यहां कई नेता अभी सरकार में ओहदेदारी चाहते हैं और उनके लिए भी यह अच्छा मौका है कि वे भी शक्ति प्रदर्शन में आगे निकलें। सरकार के पास कई पद खाली हैं, जिनमें ताजपोशी हो सकती है और लगातार इसका दवाब भी सरकार पर बनाया जा रहा है। फिलहाल इस राज्य स्तरीय रैली के लिए मात्र दो दिन का समय बचा है। 25 अप्रैल को कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल भी शिमला आ जाएंगी। इस दिन शाम को पार्टी के आला नेताओं की बैठक होगी, जिसमें आने वाले समय की रणनीति पर चर्चा होगी। क्योंकि प्रदेश के बाद फिर जिला स्तर पर भी रैलियां की जानी हैं, वहीं ब्लॉक स्तर पर भी रैलियां होंगी। लिहाजा इसकी व्यापक रूपरेखा बनेगी।

मंत्रियों को जिम्मेदारी

मंगलवार को जो बैठक हुई, उसमें मंत्रियों को अहम जिम्मेदारी दी गई हैं। खासकर शिमला, सोलन व सिरमौर जिलों के मंत्रियों को इसको लेकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिमला में सरकार के तीन मंत्री हैं, वहीं कैबिनेट रैंक भी कइयों को मिला हुआ है। इसी तरह से सोलन में एक मंत्री है व सिरमौर से भी सरकार में एक मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष हैं।

Share the news