बघाट बैंक मामला : 80 साल की बुजुर्ग महिला को बना दिया 27 लाख के लोन में गारंटर, जानें पूरा मामला

दो माह बाद शुक्रवार को लगी सहायक पंजीयक की अदालत में कई चौंकाने वाले मामले आए। इसमें एक डिफाल्टर ने बघाट बैंक से लोन लेने के लिए 80 साल की बुजुर्ग महिला को गारंटर बना दिया। हैरानी इस बात की है कि महिला को इसका पता तक नहीं था कि वह किसी लोन में गारंटर है। इसका खुलासा तब हुआ जब महिला को घर में समन पहुंचे। अदालत में सहायक पंजीयक को महिला के पोते ने बताया कि उनकी दादी को लोन की कोई जानकारी नहीं है। डिफाल्टर ने धोखे से उसके कागज बनवाकर उन्हें गारंटर बना दिया। हालांकि बैंक की ओर से पैरवी करने गए अधिकारियों ने वहां तक तस्वीर दिखाई जिसमें महिला भी दिखीं।
वहीं, सहायक पंजीयक ने संबंधित डिफाल्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए और 30 दिन में उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उक्त डिफाल्टर ने लोन लेने के लिए कई दस्तावेज फर्जी तैयार किए थे। अब लोन चुकाने के लिए भी नहीं आ रहा। अदालत ने शुक्रवार को 52 डिफाल्टरों को बुलाया था, जिनसे 33.85 करोड़ रुपये की रिकवरी होनी है। इन सभी को पहली बार समन जारी हुए थे। वहीं इसमें से 18 डिफाल्टर व चार गारंटर ही अदालत में पहुंचे। हालांकि सभी ने अदालत में एकमुश्त भुगतान करने और सेटलमेंट करने के लिए भी कहा। इसमें कुछ नहीं समय भी मांगा ताकि वह थोड़ा-थोड़ा भुगतान कर सके।

ब्याज भी अधिक बताया
इसमें कई डिफाल्टरों ने यह भी कहा कि बैंक का ब्याज काफी अधिक हो गया है। ऐसे में अगर ब्याज कम किया जाता है तो वह लोन की राशि को चुका देंगे। जिस पर सहायक पंजीयक ने उन्हें ओटीएस के लिए आवेदन करने के लिए कहा। उसमें उन्हें कुछ छूट मिल सकती है। हालांकि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर नियमों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

कांग्रेस के नेता के तीन लोन, चुकाया एक भी नहीं
शहर के एक रसूखदार कांग्रेस के नेता भी शुक्रवार को अदालत में पहुंचे। इन्होंने करीब 3.50 करोड़ रुपये के तीन लोन ले रखे हैं, मगर चुकाया एक भी नहीं है। बताया जा रहा है कि सहायक पंजीयक के पास इन्होंने कोरोना में कारोबार खत्म होने की बात कहकर कुछ राहत देने की भी मांग की। जिस पर सहायक पंजीयक ने उन्हें भी ओटीएस आवेदन के लिए कहा। इन्हें पिछली अदालत में समन जारी नहीं हुए थे।

25 को होगी चैक बाउंस मामले में सुनवाई
बघाट बैंक में चैक बाउंस होने के मामले में अब 25 फरवरी को सुनवाई होगी। इसमें उन लोगों को समन जारी होंगे, जिन्होंने बैंक में चैक तो दिए लेकिन वह बाउंस हो गए। इसमें एक दर्जन डिफाल्टरों के करीब दो रुपये के चैक बाउंस हुए हैं। इनकी लिस्ट बैंक प्रबंधकों ने पहले ही सौंप दी है। अगर डिफाल्टर 25 से पहले अपना चैक या अमाउंट जमा करवा देते हैं तो वह कार्रवाई से बच सकते हैं। नहीं तो एआरसीएस की अदालत में उन पर सख्त कार्रवाई होगी।

शुक्रवार को हुई सुनवाई में 22 डिफाल्टर व गारंटर पहुंचे थे। इसमें उन्होंने अलग-अलग तर्क दिए। वहीं सभी को ओटीएस के लिए आवेदन करने को कहा गया है। वहीं एक डिफाल्टर को गैर जमानती वारंट जारी कर पुलिस को नाम भेज दिया है। उक्त डिफाल्टर नहीं फर्जी कागज तैयार कर लोन लिया। इसमें एक बुजुर्ग महिला को भी धोखाधड़ी का शिकार बनाया है। चेक बाउंस होने के मामले में अब अदालत 25 फरवरी को अदालत लगाएगी। जिसमें चेक से संबंधित सुनवाई होगी। -गिरीश नड्डा, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन।

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