बजट सत्र:सदन में सरकारी भवनों में फिजूलखर्ची के मुद्दे पर सुक्खू और जयराम में वार-पलटवार

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सरकारी भवनों में फिजूलखर्ची के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच खूब वार-पलटवार हुए। बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत बुधवार को प्रश्नकाल से हुई। 11 से 12 बजे के बीच प्रश्नकाल हुआ तो 12 बजे के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्ताव को पेश करने के बाद मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष में खूब नोकझोंक हुई। भोरंज के कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश कर सराज में 12 विश्रामगृह खोलकर पूर्व सरकार पर फिजूलखर्ची का आरोप लगाया तो जयराम ठाकुर भड़क गए।

उन्होंने कहा कि सदस्य बताएं कि कहां खोले गए। यह रेस्ट हाउस नहीं, इंस्पेक्शन हट हैं। यह प्रावधान के तहत बनाए गए हैं। उसका केंद्र से राज्य को इंसेटिंव भी मिला है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले भी सराज और धर्मपुर का जिक्र किया गया था कि वहां पर भवन बनाए गए। सरकार की ओर से पिछली सरकार में एक हजार करोड़ रुपये के भवन बनाने की भी बातें हो रही हैं। जयराम ने कहा कि जो भी विकास कार्य हुए हैं, वे नियमों को ध्यान में रखकर किए गए हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र में ही नहीं, सबके विधानसभा क्षेत्रों में भवन बनाए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सदस्य ने कोई बात कही है तो उसमें तथ्य होंगे। उन्होंने जयराम ठाकुर की ओर इशारा कर कहा – आपने अपने मित्र ठेकेदारों के लिए एक हजार करोड़ रुपये के भवन बनाए। सीएम ने आगे जोर देकर कहा कि धर्मपुर वाले आपके बड़े मित्र थे। उन्होंने कहा कि खाली भवन होने पर मंडी के लिए भी कई दफ्तर शिफ्ट करने पड़ेंगे, जिससे उनका उपयोग हो सके।

आपका ड्रीम प्रोजेक्ट मंडी का शिवधाम ताे मैं बना रहा हूं। आपने जो एक हजार करोड़ के भवन बनाए हैं, वे खाली पड़े हैं। अगले सत्र में पूरे भवनों के नक्शों के साथ पेश करेंगे। हमें भगवान शिव और देवी-देवताओं का आशीर्वाद है, तभी सरकार भी बची है। सरकाघाट में पूर्व सैनिकों के नाम से एक भवन खाली पड़ा है। हम यहां अटल विवि शिफ्ट कर रहे हैं। वाकनाघाट में 100 करोड़ रुपये से बना भवन खाली पड़ा है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जहां विकास की जरूरत लगती थी, वहां भवन बनाए गए हैं। सरकाघाट के इलाके से बहुत से नौजवान फौजी हैं। हमने वहां पर सैन्य अकादमी के लिए भवन बनाया। जब अकादमी फंक्शनल होगी, तभी भव काम आएगा। नाचन में भी ऐसे ही उद्देश्य से ही यह भवन बनाया गया। सरकार यहां वहां संस्थान बदल रही है। जिस उद्देश्य से भवन बनाए गए, उसके लिए उनका कार्यान्वयन नहीं किया गया। इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि वह पूरे और अधूरे भवनों सबकी जानकारी देंगे तो इनकी संख्या बहुत ज्यादा हो जाएगी।

राज्यपाल ने न जाने किस दबाव में कई बिंदुओं को पढ़ने से गुरेज किया : सुरेश
कांग्रेस विधायक सुरेश कुमार ने कहा कि राज्यपाल ने 16 फरवरी को अपना अभिभाषण पढ़ा। राज्यपाल ने संविधान की परिपाटी से हटकर इसके कई बिंदुओं को पढ़ने से गुरेज किया। उन्होंने पता नहीं किन कारणों से और न जाने किस तरह के दबाव से ऐसा किया।

सदस्यों का व्यवहार नियमानुसार नहीं तो कर सकते हैं निलंबित : पठानिया
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि बैठे-बैठे बोलना और अपनी बात को जिद्द से माध्यम से रखने का प्रयास करना उचित नहीं है। स्पीकर के पास विशेषाधिकार है। दोनों विधायक दलों से भी अनुरोध है कि सभी सदस्यों का व्यवहार नियम के अनुसार होना चाहिए। अगर किसी भी प्रकार से अवमानना करने पर वह कार्रवाई कर सकते हैं। निलंबित भी कर सकते हैं। सदन में सत्ता पक्ष के एक विधायक की ओर से प्रश्न नहीं लगने की बात करने को भी स्पीकर ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी नियमों का ज्ञान नहीं है। उनके प्रश्न लग रहे हैं।

Share the news