
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
11 फरवरी 2023
बद्दी के सबसे पॉश एरिया की रिहायशी कॉलोनियों में रहने वाले 80 फीसदी से ज्यादा लोग खुले में कचरा फेंक रहे हैं। इन रिहायशी कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को न तो कोई कानून का डर है और न ही नगर परिषद का। जैसे ही शाम ढलती है यह लोग रात के अंधेरे में खुले में कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे कॉलोनियों के मुख्य द्वारों पर कचरे को लेकर हालत खस्ता नजर आती है। शहर से गीला और सूखा कचरा उठाने के लिए एक निजी एजेंसी भी हायर की हुई है। परंतु उसके बावजूद लोग खुले में कचरा फेंकने से परहेज नहीं कर रहे हैं। नगर परिषद की ओर से कचरा उठाने वाली कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह डोर टू डोर कचरा उठाएं, मगर लोग कचरा उठाने वाली गाड़ी का इंतजार न करते हुए खुले में कचरा फेंक रहे हैं। इससे शहर की सुंदरता को भी ग्रहण लग रहा है और चारों तरफ फैली गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की भी आशंका बनी रहती है
मुख्य संसदीय सचिव रामकुमार चौधरी ने अपना पदभार संभालते ही प्रशासनिक अधिकारियों की पहली बैठक में ही शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर होने के चलते असंतोष जाहिर किया था। उन्होंने आदेश दिए थे कि सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। परंतु अभी तक सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है और शहर के चौराहों पर उसी तरह से कचरे के ढेर पढ़े हुए हैं।नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी रणधीर वर्मा का कहना है कि नगर परिषद की ओर से खुले में कचरा फेंकने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। एक दर्जन से ज्यादा लोगों के चालान किए जा चुके हैं। जो भी खुले में कचरा फेंकते पाया गया उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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