
मंडी (छोटी काशी)। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव से एक दिन पहले रविवार तड़के 4 बजे पूरे 30 दिनों के बाद बाबा भूतनाथ अपने मूल पिंडी स्वरूप में प्रकट हुए। देर रात स्वयंभू शिवलिंग से करीब डेढ़ क्विंटल मक्खन हटाया गया, जिस पर पिछले तीन दिनों से बाबा के विभिन्न रूप उकेरे गए थे। अब यही पावन मक्खन श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा।
सुबह होते ही हजारों भक्तों ने बाबा के मूल रूप के दर्शन किए और निरंतर जलाभिषेक किया। पूरी छोटी काशी “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठी।
मंदिर के पुजारी महंत दयानंद सरस्वती ने बताया कि रात्रि 3 बजे से ही विधिवत पूजन के साथ शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ हो गया था। विशेष अनुष्ठानों के बीच बाबा का अभिषेक किया गया और प्रातः चार बजे मूल पिंडी स्वरूप के दर्शन हुए।
चौहटा बाजार तक लगी कतारें
दर्शनों के लिए देर रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। चौहटा बाजार तक लाइनें पहुंच गईं। कई श्रद्धालुओं को 2 से 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। युवाओं और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और चंबा सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
🌺 पहली ‘जलेब’ में निकली भोलेनाथ की बारात
रविवार सुबह 5 बजे बाबा भूतनाथ की पहली पारंपरिक ‘जलेब’ निकाली गई। इसकी अगुवाई मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने की। यह जलेब शहरभर में भ्रमण करते हुए शिव विवाह की झांकियों के साथ निकली।
ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और पटाखों की गूंज के बीच सैकड़ों श्रद्धालु नाचते-गाते भोलेनाथ की बारात में शामिल हुए। युवतियों ने पहाड़ी ढोल की थाप पर नृत्य किया। पूरा शहर सुबह-सुबह भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। शहर का चक्कर लगाने के बाद जलेब पुनः मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
🛕 इन मंदिरों में भी उमड़ा सैलाब
मंडी, जिसे छोटी काशी कहा जाता है, में हर कुछ दूरी पर शिवालय स्थित हैं। शिवरात्रि पर प्रमुख मंदिरों में भी भारी भीड़ रही—
महामृत्युंजय मंदिर
एकादश रुद्र मंदिर
त्रिलोकीनाथ मंदिर
पंचवक्त्र मंदिर
नीलकंठ महादेव मंदिर
सिद्धशंभू अर्धनारीश्वर मंदिर
इन मंदिरों में सुबह से शाम तक पूजा-अर्चना, हवन और शिव महिमा का गुणगान चलता रहा।
श्रद्धालुओं में दिखी आस्था की झलक
मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं रेखा, सरला, शबनम, नेहा, अरुण, विकास और राज ने बताया कि वे हर वर्ष शिवरात्रि पर व्रत रखकर बाबा के दर्शन करने आते हैं।
वहीं IIT Mandi की छात्रा अंकिता गर्ग ने बताया कि मंडी की शिवरात्रि देशभर में प्रसिद्ध है, इसलिए वह विशेष रूप से यहां दर्शन के लिए पहुंची हैं।





