बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की समीक्षा बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों एवं व्यय की समीक्षा

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की समीक्षा बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान किए गए कार्यों एवं व्यय की समीक्षा की गई। योजना के अंतर्गत 4 उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 591 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा 48 जागरूकता शिविरों में 3542 लोगों की सहभागिता रही। इन गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं के अधिकार, लिंग समानता, शिक्षा एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जन-जागरूकता फैलाई गई।
कौशल विकास, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा एवं आत्मरक्षा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। उपायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंप्यूटर प्रशिक्षण के साथ-साथ होटल उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अन्य व्यावसायिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर प्रभावी ढंग से जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग तथा विभागीय समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में वित्त वर्ष की शेष अवधि में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, पंचायत स्तर पर जागरूकता शिविर, छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण, मेधावी छात्राओं एवं उत्कृष्ट पंचायतों का सम्मान, बालिका छात्रावासों में सेनेटरी नैपकिन इंसिनरेटर की स्थापना, लैंगिक संवेदनशीलता कार्यशालाएं तथा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सहित अन्य संबंधित कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

ज़िला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समिति की बैठक

समेकित बाल विकास सेवायें योजना के अंतर्गत
ज़िला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समिति की बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 की मानसून आपदा से क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी भवनों की मरम्मत हेतु ₹63 लाख स्वीकृत किए गए हैं। 21 नए आंगनवाड़ी भवन भी स्वीकृत हुए हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण व मरम्मत कार्य प्रगति पर है।
बेटी है अनमोल, मुख्यमंत्री कन्यादान, मुख्यमंत्री शगुन, छात्रवृत्ति, सुख शिक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए।

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