
बिलासपुर जिला के ग्रामीण भाखड़ा विस्थापितों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में जोरदार प्रदर्शन किया। जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित समिति के बैनर तले हजारों विस्थापितों ने लक्ष्मी नारायण मंदिर से उपायुक्त कार्यालय तक विरोध रैली निकाली और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद समिति के प्रधान देश राज शर्मा के नेतृत्व में उपायुक्त राहुल कुमार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में वन भूमि पर बने घरों, खेती और पशुशालाओं को वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत कानूनी अधिकार व पट्टे देने की मांग की गई। इसके अलावा विस्थापितों की भूमि का शीघ्र बंदोबस्त, पात्र परिवारों को प्लॉट आवंटन, तथा काटे गए बिजली-पानी कनेक्शन बहाल करने की भी मांग उठाई गई।
समिति ने यह भी मांग की कि विस्थापितों के बच्चों को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाए। साथ ही भाखड़ा डैम से मिलने वाली रॉयल्टी का 25 प्रतिशत हिस्सा विस्थापितों के कल्याण पर खर्च किया जाए। भूमिहीन परिवारों को भूमि उपलब्ध करवाने, सिंचाई व पेयजल के लिए पानी लेने की अनुमति देने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
बैठक में सतलुज नदी पर विभिन्न स्थानों—बैरी दड़ोलां-लुहणू, ज्योरीपतन, बड़गांव-बुखर, गाह-चलौला, बाला और डैहन-नारल—में पुल निर्माण की मांग उठाई गई। इसके साथ ही मछुआरों के हितों की रक्षा तथा सतलुज नदी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की बात भी कही गई।
सभा को संबोधित करते हुए देश राज शर्मा ने कहा कि भाखड़ा के ग्रामीण विस्थापित पिछले 65 वर्षों से अपने हकों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि चौथी पीढ़ी तक पहुंचने के बावजूद विस्थापित आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आगामी रणनीति बनाकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में समिति के पदाधिकारी और विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





