मणिपुर हिंसा पर तुरंत प्रभाव से लगाई जाए रोक

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

25 जुलाई 2023

भारत के मणिपुर में लगातार हिंसा जारी है और इस हिंसा में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। मणिपुर की हिंसा में हजारो लोग प्रभावित हुए हैं और सभी लोग राहत शिविरों में अपने दिन गुजार रहे हैं। लेकिन मणिपुर की भाजपा सरकार प्रभावित परिवारों को राहत अभी तक नहीं दे पाई है। उल्टा राज्य में हिंसा की घटनाएं आए दिन पेश आ रहे हैं। मणिपुर में हो रही हिंसा के विरोध में जिला मुख्यालय ढालपुर में भारतीय जनवादी महिला समिति, हिमाचल किसान सभा और सीटू  के द्वारा संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन किया गया। तो वहीं डीसी कुल्लू के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।

हिमाचल किसान सभा के महासचिव हौतम सोंखला ने कहा कि बीते दिनों सोशल मीडिया में अभी 2 महिलाओं के साथ मारपीट व दुष्कर्म का वीडियो वायरल हुआ था। ऐसे में दोषियों पर कार्रवाई करने की बजाय मणिपुर की भाजपा सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। जिस कारण मणिपुर की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मामले को लेकर बिल्कुल चुप है और अन्य राज्यों के मुद्दों को उठाकर मणिपुर मुद्दे से आम जनता का ध्यान भी भटकाया जा रहा है। वहीं, भाजपा के नेताओं के द्वारा जो बयान दिया जा रहा है वह बिल्कुल भी सही नहीं है। हौतम सोंखला सोंखला का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को इस तरह की घटना मंजूर नहीं होती है।

इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के गृह मंत्री की कार्यप्रणाली भी मणिपुर हिंसा में संदेह के घेरे में आ रही है। क्योंकि वह इस पूरे मामले में पक्षपात व भेदभाव के साथ काम कर रहे हैं ल। ऐसे में अब इस मामले को लेकर राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजा गया है और मांग रखी गई है कि मणिपुर के हिंसा पर तत्काल रोक लगाई जाए और मणिपुर में सांप्रदायिक सौहार्द कायम किया जाए। इसके अलावा मणिपुर में तत्काल शांति बहाल की जाए और महिला उत्पीड़न पर भी रोक लगाई जाए। मणिपुर घटना में जो लोग बेघर हुए है उन्हें राहत शिविरों में सुविधाएं उपलब्ध करवाएं। वहीं, दुष्कर्म की घटनाओं का शिकार हुई महिलाओं के लिए उचित राहत का प्रावधान किया जाना चाहिए।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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