महात्मा गांधी ने देश को दिखाई राह, लाल बहादुर शास्त्री सिखाया संकल्प

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

2 अक्तूबर 2023

भारत के इतिहास में दो अक्टूबर के दिन का एक खास महत्व है। यह दिन देश की दो महान विभूतियों के जन्मदिन के तौर पर इतिहास के पन्नों में दर्ज है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को हुआ था। उनके कार्यों तथा विचारों ने देश की स्वतंत्रता और इसके बाद आजाद भारत को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को हुआ था। उनकी सादगी और विनम्रता के लोग कायल थे। उन्होंने वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ‘जय जवान जय किसान’ का नारा दिया था।

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था. जिनकी माता पुतली बाई जबकि पिता करमचंद गांधी थे. दक्षिण अफ्रीका में अपमान झेलने के बाद अंग्रेजों के छक्के छुड़ाने भारत आए गांधी ने चंपारण सत्याग्रह से अपने आंदोलन का बिगुल फूंका. देश के तीन बड़े आंदोलनों असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ों आंदोलन के दम पर अंग्रेजों को भारत छोड़ने के लिए उन्होने विवश किया

भारत के दूसरे प्रधानमंत्री और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नेता लाल बहादुर शास्त्री का 2 अक्तूबर को जन्म हुआ था। गांधी जयंती के साथ ही इस दिन शास्त्री की भी जयंती मनाई जाती है। लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता का आदर्शपूर्ण उदाहरण है। जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद जब देश को एक नए प्रधानमंत्री की जरूरत थी, तो लाल बहादुर शास्त्री का नाम सामने आया। उन्हें देश का प्रधानमंत्री रहते हुए अपना कर्तव्य बखूबी निभाया।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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