
धर्मपुर,
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजकीय महाविद्यालय, धर्मपुर (मंडी) में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक माननीय चन्द्रशेखर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
विधायक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय को स्थापित करने के लिए संस्थापकों को अत्यन्त कठिन परिश्रम करना पड़ा है, किन्तु आज महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या कम होती जा रही है। इस महाविद्यालय को बचाने के लिए हमें कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने महाविद्यालय को स्थाई संबद्धता दिलाने तथा राजनीतिक विज्ञान विषय में एम.ए. की कक्षाओं को अगले शैक्षिक सत्र से शुरू करने की घोषणा की। इसके उपरांत मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए गए। साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार भी वितरित किए गए।
इस से पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रमेश धलारिया ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्ष भर की शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक तथा सह पाठयक्रम गतिविधियों की उपलब्धियों से मुख्यतिथि को अवगत करवाया। कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें मंडयाली लोकनृत्य की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय सरकाघाट के प्राचार्य डॉक्टर रिखी राम कौंडल, डॉक्टर राजीव राणा, डॉक्टर अरुण कुमार, राजकीय महाविद्यालय बल्द्वाड़ा से डॉक्टर गुलशन कुमार व प्रोफेसर राजगीर तथा धर्मपुर महाविद्यालय से सेवानिवृत प्रोफेसर महेंद्र राणा ने अपनी गरिमामई उपस्थिति दी साथ ही इस कार्यक्रम में प्रोफेसर रमेश शर्मा, प्रोफेसर विवेकानंद शर्मा, प्रोफेसर मोहिन्द्र सिंह, प्रोफेसर जोगिंदर सिंह, प्रो० विजय, प्रो० शैली ठाकुर, प्रो० अभिषेक शर्मा, प्रो० मनोज, डॉ. माला ठाकुर, प्रो० शीतल भोपाल, डॉ. मोहर, प्रो० मनवीर तथा विद्यार्थियों के अभिभावकगण उपस्थित रहे।





