मुख्यमंत्री ओपीएस देने के लिए बेकरार, वित्त विभाग नहीं है तैयार

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

25 जनवरी 2023

हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त विभाग ने पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने के कार्यालय आदेश तो जारी कर दिए हैं, लेकिन इसके लिए नियमों को तैयार करने के लिए वित्त विभाग को माथापच्ची करनी पड़ रही है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके हैं कि प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कर दिया गया है, वहीं वित्त विभाग के स्तर पर पेंशन को ओपीएस की तर्ज पर देने के लिए अभी पूरी तैयारी नहीं है।
1 फरवरी को पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशनरों को पुरानी पेंशन दी जा सकेगी या नहीं, इस बारे में अभी असमंजस की स्थिति है। मुख्यमंत्री कार्यालय इस संबंध में वित्त विभाग पर पूरी तरह से दबाव बनाए हुए है कि किसी भी सूरत में इस योजना की नियमावली जल्दी सामने लाई जाए। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस जिन 10 गारंटियों को देने की बात कर सत्ता में आई है, उनमें से ओल्ड पेंशन स्कीम पहली गारंटी है।
एनपीएस कर्मचारी।
सरकार ने घोषणा की थी कि इसे पहली ही कैबिनेट बैठक से लागू कर दिया जाएगा। पहली कैबिनेट बैठक के दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी प्रेस वार्ता करके घोषणा की कि इस स्कीम को लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसे कैबिनेट बैठक वाले दिन से ही लागू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
उस वक्त से लेकर वित्त विभाग के अधिकारी रात-दिन इस संबंध में पुरानी पेंशन स्कीम की नियमावली को तैयार करने में जुटे हुए हैं, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।  सूत्रों का कहना है कि एक ओर जहां मुख्यमंत्री कार्यालय का दबाव है कि इसे लागू किया जाए, वहीं दूसरी ओर से संबंधित नियमों को बनाने में कोई चूक न हो जाए। इस बारे में वित्त विभाग के अधिकारी खूब मंथन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इस बात को स्पष्ट किया था कि हिमाचल प्रदेश में ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए छत्तीसगढ़ को आधार बनाया जा रहा है, लेकिन प्रदेश का अपना मॉडल होगा। अपना मॉडल क्या होगा, अभी तक इस बारे में अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। जहां तक छत्तीसगढ़ की बात है, वहां पर कर्मचारियों से अंडरटेकिंग लेने के बाद ही ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की गई है। वहां के कर्मचारियों को पीएफआरडीए में फंसा पैसा भी खुद वापस लाना पड़ रहा है।

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