मेट्रो की टीम ने जांची कालका-शिमला फोरलेन पर निर्माणाधीन सुरंगों की सुरक्षा और गुणवत्ता

खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो

18 मार्च 2024

Metro team checked the safety and quality of the tunnels under construction on Kalka-Shimla four lane.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने कालका-शिमला नेशनल हाईवे-5 पर निर्माणाधीन दो सुरंगों का सेफ्टी और क्वालिटी ऑडिट किया है। इस ऑडिट के माध्यम से टनल के कार्य का पता चल सकेगा। अगर कहीं अनियमितता पाई जाएगी तो उसे सुधारा जाएगा। टनल में सेफ्टी और क्वालिटी को लेकर टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट को जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) शिमला कार्यालय भेजा जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर कई बदलाव भी किए जा सकेंगे।

इसी के साथ टनल के भीतर हादसों की आशंका भी कम हो जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से निर्माणाधीन टनल और पुल की समीक्षा करने के लिए डीएमआरसी के साथ करार हुआ है। यह एनएचएआई की ओर से किए जाने वाले कार्यों की जानकारी लेकर रिपोर्ट तैयार करती है। गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर कंडाघाट और कैथलीघाट में दो सुरंगा का निर्माण कार्य चला रहा है। कंडाघाट में निर्माणाधीन टनल में अधिकतर काम पूरा कर लिया है। अब दूसरे पोर्टल से टनल बनाने का कार्य शुरू हुआ है।
टीम ने दोनों टनल में प्रयोग में लाई जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच की है। साथ ही पता लगाया गया है कि क्या प्रयोग में लाई गई सामग्री भविष्य में भी ठीक रहेगी। इसी के साथ सरिया, कंक्रीट समेत अन्य प्रयोग होने वाले केमिकल की जांच की गई। कामगारों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्थाएं जांची गईं। मौके पर देखा गया कि क्या टनल के भीतर कामगारों की सुरक्षा को लेकर प्रबंध किए गए हैं या नहीं। इन सभी चीजों को देखते हुए टीम कंडाघाट और कैथलीघाट टनल की रिपोर्ट तैयार करेगी।
भविष्य में उत्तराखंड टनल जैसी घटना न घटे, इसे लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था जांची गई। इस जांच से भविष्य की स्थिति जानने के लिए भी काफी फायदा मिलता है और हादसे कम किए जा सकते हैं। दरअसल कंडाघाट में वनवे टनल का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह टनल 667 मीटर लंबी होगी।  इसमें पहले चरण में 440 मीटर कार्य पूरा कर लिया गया है। कैथलीघाट में 750 मीटर लंबी टनल का निर्माण कार्य चला हुआ है। इसका लगभग 60 फीसदी कार्य पूरा किया गया है।

खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो

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