

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
22 नवंबर 2022
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से ओपीडी के बाहर गर्भवती महिलाओं के बैठने के लिए बैंच की व्यवस्था की गई है लेकिन जगह संकरी होने के चलते इधर-उधर जाते हुए एक-दूसरे को धक्के लगते हैं। अवकाश के अगले दिन स्थिति और गंभीर हो रही है क्योंकि और दिन की तुलना में ओपीडी में मरीजों की संख्या 25 फीसदी बढ़ जाती है।
समय सुबह 11:15 बजे। स्थान मेडिकल कॉलेज गायनी ओपीडी। गौंत गांव से उपचार करवाने पहुंची महिला शांति ने बताया कि वह सुबह दस बजे से यहां इंतजार कर रही हैं। अभी तक नंबर नहीं आया है। भीड़ अधिक होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। बेचड़ का बाग की रामा देवी ने बताया कि उन्हें रूटीन चेकअप करवाना है। यहां काफी भीड़ है और जगह भी तंग है। उन्होंने यहां से गायनी ओपीडी दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग उठाई है।
समय दोपहर 12:15 बजे। स्थान मेडिकल कॉलेज की आंखों की ओपीडी। सराहां केे राजन सिंह ने बताया कि आंखों की जांच के लिए यहां आए हैं। आंखों की ओपीडी गायनी ओपीडी के साथ है। यहां काफी भीड़ रहती है। ओपीडी से अस्पताल को आने वाले मरीजों और उनके तीमारदार भी यहीं से गुजर रहे हैं। ऐसे में जहां मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं वहीं संक्रमण का भी खतरा बना हुआ है।
मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. एसएल कौशिक ने बताया कि जगह की कमी के चलते समस्या आ रही है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन के बन जाने के बाद समस्या से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को परेशानी न हो इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षा गार्ड को खासकर गर्भवती महिलाओं के बैठने की व्यवस्था व रास्ता क्लीयर रखने के लिए कहा गया है।





