राखी पर बिक्री घटी, कारोबारियों के चेहरे मुरझाए

#खबर अभी अभी कांगड़ा ब्यूरो*

1 सितंबर 2023

कांगड़ा उपतहसील राजा का तालाब के बाजार में इस बार राखी के त्योहार में रौनक काफी कम रही। इससे अब व्यापारी वर्ग के माथे पर भविष्य को लेकर चिंता की लकीरें खींचनी शुरू हो गई हैं। व्यापारी वर्ग अब दशहरा, दिवाली, करवाचौथ को लेकर भी असमंजस को स्थिति में हो गया है कि आने वाले त्योहारों के लिए जमा पूंजी से खरीदा गया माल कहीं पेंडिंग स्टॉक में न पड़ जाए

व्यापारी वर्ग से जब इस विषय में बात की गई तो अधिकतर ने राखी में चली मंदी का कारण ऑनलाइन व्यापार बताया, जबकि कुछ लोगों ने ऑनलाइन व्यापार के साथ महंगाई को मुख्य कारण बताया। व्यापारी वर्ग का कहना है कि राखी पर उपभोक्ता भी काफी दुविधा में दिखे जिसमें बुधवार रात और वीरवार सुबह राखी पहनाने का जिक्र होता रहा। अधिकतर व्यापारियों का कहना था कि इस बार राखी की बिक्री 30 से 40 फीसदी ही हो पाई। व्यापारी सुरेंद्र कुमार, नीरज भाटिया, जतिंद्र गुप्ता, सुरजीत ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिग एप सहित कई कंपनियों ने बहनों से आर्डर लेकर सीधे भाइयों को राखी भेजीं। ऐसे में मध्यम वर्गीय व्यापारी का हजारों रुपये राखी का स्टॉक पेंडिंग पड़ना कहीं न कहीं उनके लिए भविष्य के लिए मुसीबतें पैदा कर रहा है।

देश के लाखों मध्यम वर्गीय व्यापारी वर्षों से सरकार को करोड़ों रुपये का टैक्स देते आ रहे हैं। व्यापारी वर्ग का कहना है कि एक देश, एक रेट का नारा देने के बाद भी कीमतों में अभी भी विरोधाभास क्यों चला हुआ है। इनका कहना है कि बड़ी कंपनियां राखी बंपर और दिवाली बंपर का प्रलोभन दे रही हैं, जबकि व्यापारी वर्ग नीचे जा रहा है। इनका कहना है कि इनकी पूर्ण रूप से जांच की जाए, तो कई घोटालों की परतें भी खुल सकती हैं। व्यापारी वर्ग ने इस विषय में सरकार से गहन चिंतन करने की गुहार लगाई है।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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