# लोग जल विद्युत  परियोजना संचालक कम्पनी के खिलाफ उतरे  सड़को पर।

खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो

20 सितंबर 2022

शिमला जिला के दूर दराज पंद्रह बीस क्षेत्र की कूट पंचायत के
लोग जल विद्युत  परियोजना संचालक कम्पनी के खिलाफ उतरे  सड़को पर।  लोगो
ने लगाया वादाखिलाफी और उन के पारम्परिक हको को छीनने का आरोप।  नेशनल
ग्रीन ट्रब्यूनल और प्रशासन के निर्देशों को भी अनदेखी करने पर लोगो ने
परियोजना  स्थल के बाहर दिया  धरना। लोगो ने दी चेतावनी जल्द समस्या न
सुलझाई तो परियोजना से विद्युत उत्पादन किया जाएगा ठप ।  प्रशासन ने दो
दिन के भीतर समस्या हल करने की कम्पनी को दिए निर्देश ।

वी -ओ —हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 190 किलोमीटर दूर
दुर्गम कूट पंचायत के लोग कूट जल विद्युत परियोजना संचालको के खिलाफ तीन
दिन से धरना प्रदर्शन कर रहे है।  लोगो का आरोप है की परियोजना निर्माता
कपनी के साथ जो आरम्भ में समझौते हुए थे उन्हें अम्ल नहीं किया जा रहा
है। यहाँ तक की अब कम्पनी मनमानी पर उत्तर कर उन के पारम्परिक रास्ते और
चरांद पर भी कब्जा जमा रही है। कूट पंचाट के लोगो ने 24 मेगावाट की जल
विद्युत परियोजना के वियर साइड कूट और पावर हॉउस स्थल सुरु में
अनिश्चितकालीन धरना आरम्भ किया है। उधर रामपुर प्रशासन ने भी धरना स्थल
पहुँच कर लोगो की समस्या को सुनी और परयोजना संचालको को समस्या हल करने
के निर्देश दिए।   लोगो का कहना है की कम्पनी ने नेशन ग्रीन ट्रब्यूनल और
प्रशासन के निर्देशों को भी ठेंगा  दिखाया है। कम्पनी अपनी उच्च राजनैतिक
रसुको का धौस दिखा कर स्थानीय लोगो का कथित शोषण कर रही है। उन्होंने
बताया कम्पनी न तो वादे के अनुसार लेंड लुजर्ज को नौकरी दे रही है और न
ही मुआवजा।  ऊपर बने पेन स्टॉक से गांव को खतरा बना है।  प्रदूषण और लाडा
का पैसा भी बार बार प्रशासन के निर्देश के बाद जमा नहीं कर रही ऐसे में
उन के पास आंदोलन के सिवा कोई दुसरा रास्ता नहीं बचा। उन्होंने चेतावनी
दी है की अगर जल्द समस्या हल नहीं हुई तो परियाजना से विद्युत उत्पादन ठप
किया जा सकता है।
उधर रामपुर प्रशासन ने भी धरना स्थल पहुँच कर लोगो की समस्या को सुनी और
परयोजना संचालको को समस्या हल करने के निर्देश दिए।

बाइट —-कूट पंचायत के प्रधान रत्न डोगरा ने बताया की तीन दिन से 24
मेगावाट की परियोजना स्थल धरना प्रदर्शन जारी किया है।  यह धरना प्रदर्शन
हमारी मांगे परियोजना संचालको द्वारा पूरा न करना है।  जिन में लेंड लूजर
को नौकरी ,भूमि का मुआवजा , प्रदूषण का मुआवजा देना , गांव के ऊपर बने
पेन स्टॉक को कोर्ट के निर्देशानुसार प्रोटेक्ट करना आदि।

बाइट — भादर सिंह  परियोजना लेंड लूजर  ने बताया की उन्हें न तो वादे
के अनुसार नौकरी दी और न ही भूमि का मुआवजा दिया है। कम्पनी  ने
वादाखिलाफी की है।

बाइट —पंचायत के पूर्व प्रधान मोहर सिंह ने बताया कम्पनी ने जो सड़क
सुरु  पवार हॉउस के लिए  बनाई है वो भी जालसाजी से बनाई है।  वन भूमि पर
कब्जा किया है।  कम्पनी ने न तो लाडा का पैसा जमा किया। लेंड लूजर को भी
नौकरी नहीं दी उलटा कम्पनी ने लोगो  मुकदमे किये है।

बाइट —दलीप नीलटू उप प्रधान क्याओ ने बताया की स्थानीय लोगो से
परियोजना निर्माण आरम्भ के समय हुए समझोतो को कम्पनी मानने से इंकार किया
जा रहा है।  स्थानीय लोगो के हक हक्कूको को छीना जा रहा है।  जो
प्रावधानों के अनुसार जो हक़ लोगो को मिलना चाहिए वो नहीं  दिए जा रहे है।

बाइट –एसडीएम रामपुर सुरेंदर मोहन ने बताया लोगो की मांगे सही है , इस
बारे में कम्पनी को कई बार प्रशासन ने नोटिस भी जारी किया है लेकिन
कम्पनी उन के निर्देशों का पालन नहीं किया है।  उन्होंने बताया की कम्पनी
को समस्याएं हल करने के लिए लम्बा समय  दिया गया है।  अब दो दिनों में
समस्या हल नहीं की तो परियोजना बंद होने की सूरत में कम्पनी खुद
जिम्मेवार होगी।

खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो

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