वल्लभ राजकीय महाविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्सव- 2024 का हुआ शुभारंभ

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28 नवम्बर 2024

वल्लभ राजकीय महाविद्यालय केंद्रीय छात्र संगठन के सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्सव- 2024 का शुभारंभ प्रोफेसर रमेश रवि ( पूर्व प्राचार्य पांवटा साहिब कॉलेज) ने किया। प्रोफेसर रमेश रवि ने कहा- सांस्कृतिक कार्यक्रम सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर रमेश रवि ने कहा – सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज को एकजुट करने, विविधता का सम्मान करने और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का माध्यम बनते हैं। नृत्य, संगीत, नाटक, और पारंपरिक उत्सव, हमारी प्राचीन परंपराओं और रीति-रिवाजों को संरक्षित करने का कार्य करते हैं। यह नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में सहायक होते है। सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न समुदायों और समूहों को एक मंच पर लाते हैं, जिससे समाज में आपसी भाईचारा और एकता को बढ़ावा मिलता है।

वल्लभ राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सुरीना शर्मा ने कहा- सांस्कृतिक कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को निखारने का महत्वपूर्ण कार्य किया जाता है। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी के इतिहास में केंद्रीय छात्र संगठन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रारंभ करने का श्रेय महाविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर रह चुके प्राचार्य रमेश रवि व प्रोफेसर कृपाल परमार को दिया जाता है। वल्लभ राजकीय महाविद्यालय में केंद्रीय छात्र संगठन सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लगभग 12 सालों के बाद आयोजित किया गया है। इस अवसर पर अभी हाल में ही राजकीय महाविद्यालय कोटली से सेवानिवृत्ति प्राचार्य प्रोफेसर पूनम शर्मा वशिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थिति रही। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर सुरीना शर्मा ने पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर रमेश रवि व पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर डॉ पूनम शर्मा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

महाविद्यालय केंद्रीय छात्र संगठन सांस्कृतिक उत्सव- 2024 के समन्वयक प्रोफेसर डॉ हेमराज राणा ने कहा – सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी कला और सृजनात्मकता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे न केवल उनकी प्रतिभा को पहचान मिलती है, बल्कि उनकी आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का विकास भी होता है। मीडिया समन्वयक फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन ने कहा- सांस्कृतिक कार्यक्रम नैतिक और शैक्षणिक मूल्यों को बढ़ावा देते हैं। पारंपरिक कहानियां, लोकगीत, और नाटक युवा पीढ़ी को जीवन में अनुशासन, आदर्श, और नैतिकता सिखाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। संस्कृत सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटन और स्थानीय कलाकारों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं सांस्कृतिक कार्यक्रम मनोरंजन के साथ-साथ मानसिक शांति और खुशी प्रदान करते हैं।

यह विद्यार्थियों को तनाव और दैनिक जीवन की परेशानियों से राहत देता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न संस्कृतियों को समझने और स्वीकारने का अवसर प्रदान करते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम विविधता में एकता के सिद्धांत को मजबूत करता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक हैं। ये हमारी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं। महाविद्यालय केंद्रीय छात्र संगठन की अध्यक्षा किरणा ने सभी गण मान्य व्यक्तियों व विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा – सांस्कृतिक उत्सव 2024 का उद्देश्य विद्यार्थियों की छुपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के लिए मंच प्रदान करना है।

सीएससीए अध्यक्षा किरणा ने कहा-दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्सव- 2024 में गजल, लोकगीत, लोक नृत्य, अर्ध शास्त्रीय नृत्य, एकल लोक नृत्य, बॉलीवुड एकल नृत्य, समूह नृत्य, बॉलीवुड गीत, स्किट, मूक अभिनय व परंपरागत मॉडलिंग प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी कलाकारों को 28 नवंबर 2024 को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम उत्सव- 2024 के प्रथम दिन अर्ध शास्त्रीय नृत्य में महाविद्यालय के 17 विद्यार्थियों ने शानदार प्रस्तुति दी। लोक एकल नृत्य में 17, बॉलीवुड सोलो डांस में 23, समूह नृत्य में 7, बॉलीवुड सॉन्ग में 14, गजल में 05, भजन में 02, व लोकगीत में 16 विद्यार्थी ने शानदार प्रस्तुतियां दी। सांस्कृतिक उत्सव -2024 के दूसरे दिन स्किट, मूक अभिनय व परंपरागत मॉडलिंग आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
महाविद्यालय के विद्यार्थियों में शामिल तनीषा, कशिश, श्वेता, दिव्या, इशू, सुहानी, कुसमा, बिपाशा, वनिता, कोमल, कंचन, सोनाली, गगनदीप , सुनील डोगरा सहित सैकड़ो विद्यार्थियों ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी।

वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ दीपक गौतम, प्रोफेसर ललिता चौहान, प्रोफेसर अनुपमा शर्मा, डॉ निर्मल सिंह व डॉ संतोष सांवरिया को सांस्कृतिक उत्सव – 2024 के निर्णायक मंडल में शामिल किया गया है। इस अवसर पर प्रोफेसर हेमराज राणा, डॉ अर्चना शर्मा, विद्यार्थियों में रूप सिंह ने बखूबी मंच संचालन किया। वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ रविंद्र कुमार ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रोफेसर देविका वैद्य, प्रोफेसर सीमा शर्मा, डॉ हरीश चौहान, डॉ जोगिंदर जसपाल, डॉ हेमराज राणा, डॉ दायक राम, मेजर चेतन सिंह, फ्लाइंग ऑफिसर डॉ चमन, डॉ देशराज, डॉ बलबीर, हिमाचल गवर्नमेंट कॉलेज की राज्य अध्यक्षा डॉ बनिता सकलानी, महाविद्यालय केंद्रीय छात्र संगठन की अध्यक्षा किरणा, उपाध्यक्षा स्मृति ठाकुर, महासचिव मीरा व संयुक्त सचिव अमृता शिक्षक वर्ग, गैर -शिक्षक वर्ग सहित महाविद्यालय के हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया।

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