शिमला एनएच पर परवाणू से कैथलीघाट तक पहाड़ियों पर अटके बड़े पत्थर बने खतरे का कारण

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

8 जुलाई 2024

Danger persists on Kalka-Shimla NH big stones are stuck on the hills from Parwanoo to Kaithlighat

कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर बरसात में फिर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन में पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। बारिश से ये पत्थर कभी भी सड़क पर आ सकते हैं। इसके अलावा मलबा गिरने का खतरा भी हर समय रहता है। मलबा और पत्थरों के सड़क पर आने से हाईवे फिर बाधित होने की आशंका है। आने वाले दिनों में बारिश में हाईवे पर चलना खतरे से खाली नहीं है।

हालांकि परवाणू से सोलन और सोलन से चंबाघाट तक फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की टीम की ओर से कर्मचारियों की तैनाती की है। यह कर्मचारी जैसे ही भूस्खलन होता है सड़क को सुचारु करेंगे, लेकिन इस बरसात में भी वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। हैरत की बात तो यह है कि कई जगह सड़क किनारे बनी ड्रेनेज भी बंद हुई। वहीं, डक्ट में भी मिट्टी घुसी है जिसे अभी तक ठीक नहीं किया है। इस कारण पानी लोगों के घरों में जाने की भी आशंका है

परवाणू से कैथलीघाट तक फोरलेन को लेकर पहाड़ियों की कटिंग की गई है। चक्कीमोड़ में भी पहाड़ी खिसक सकती है। यहां पर केवल पांच मीटर का डंगा लगाया गया है। यह डंगा बड़ी पहाड़ी के लिए नाकाफी है। इसके अलावा जाबली, सनवारा, पट्टामोड़, सोलन-बड़ोग बाइपास, दोहरी दीवार, चंबाघाट, सलोगड़ा, कंडाघाट समेत दर्जन भर ऐसे क्षेत्र है जहां पर पहाड़ियों पर बड़े-बड़े पत्थर अटके हैं। गौरतलब है कि हाईवे पर पिछली बरसात के दौरान भी काफी नुकसान हुआ था। चक्कीमोड़ में पूरी सड़क ढह गई थी। इसके अलावा सनवारा और तंबूमोड़ में एक तरफ सड़क ढह गई थी। इसके अलावा कई जगहों पर पहाड़ी से भूस्खलन के मामले भी सामने आए थे। दोहरी दीवार पर भूस्खलन के बाद डंगा भी टूटा था।

Share the news