शिमला संसदीय सीट पर भाजपा ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज कर चौका लगा दिया।

ख़बर अभी अभी शिमला ब्यूरो

05 जून  2024

लोकसभा चुनाव 2024 में शिमला संसदीय सीट पर भाजपा ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज कर चौका लगा दिया। इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार और 2019 में भी इस सीट से सांसद चुने गए सुरेश कश्यप ने कांग्रेस के उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी को 91,451 मतों से हराकर जीत दर्ज की है। कश्यप ने कुल 519748 वोट हासिल किए। वहीं, विनोद सुल्तानपुरी को 428297 वोट मिले। इस सीट पर 5930 ने नोटा दबाया।

शुरुआती बढ़त एक-दो विधानसभा क्षेत्रों को छोड़कर अंत तक बरकरार रही, जिसे विनोद तोड़ने में नाकाम रहे। 2019 के लोकसभा चुनावों में सुरेश कश्यप की जीत का अंतर 3,27,515 था, जो 2024 में 90,548 रह गया। 2014 में जीते भाजपा के उम्मीदवार वीरेंद्र कश्यप की जीत का अंतर 84,187 था। इस बार कम हुए जीत के अंतर से साफ है कि इस बार बीते चुनावों के मुकाबले कांग्रेस और भाजपा में कड़ी प्रतिस्पर्धा रही। 2009 और 2014 में भाजपा से वीरेंद्र कश्यप इस सीट पर लगातार दो बार विजयी रहे थे। 2009 में हुए चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र कश्यप और कांग्रेस के मोहन लाल ब्राकटा के बीच हुए चुनावों में जीत का अंतर 27,327 मत रहा । इन चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार विनोद सुल्तानपुरी अपने ही विधानसभा क्षेत्र से लीड बनाने में नाकामयाब रहे, उनके क्षेत्र से ही भाजपा के उम्मीदवार ने 3,360 मतों से बढ़त दर्ज की है।
सुरेश कश्यप ने बीडीसी से शुरू किया राजनीतिक सफर
सुरेश कश्यप ने बीडीसी के चुनाव से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। उनका जन्म 23 मार्च 1971 को बजगा पंचायत के पपलाह गांव में हुआ। प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा गागल शिकोर स्कूल और उच्च शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराहां में हुई। उनके पिता शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हैं और माता गृहिणी हैं। 24 अप्रैल 1988 को सुरेश कश्यप एयरफोर्स में सिपाही के पद पर भर्ती हुए। 16 साल तक सेवाएं देने के बाद वर्ष 2004 में एयरफोर्स से एसएनसीओ के पद से सेवानिवृत्त हुए। एयरफोर्स में नौकरी के दौरान उच्च शिक्षा को जारी रखी। इस दौरान उन्होंने लोक प्रशासन में एमए, टूरिज्म और पीजीडीसीए में डिप्लोमा किया। सेवानिवृत्त होने के बाद लोक प्रशासन में एमफिल किया। वर्ष 2005 में पच्छाद बीडीसी के बजगा वार्ड के पंचायत समिति सदस्य बने। इस बीच वर्ष 2007 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा। जिसमें वह गंगू राम मुसाफिर से हार गए। 2012 में दूसरी बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा और पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2017 में तीसरी बार विधानसभा का चुनाव जीता। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट दिया और वह रिकॉर्ड मतों से जीते।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाया जाएगा
शिमला संसदीय क्षेत्र से विजयी हुए भाजपा प्रत्याशी सुरेश कश्यप ने बताया कि अब आने वाले समय में शिमला संसदीय क्षेत्र में अधूरे विकास कार्य पूरे होंगे। सेब को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में लाया जाएगा। चौपाल सहित ऊपरी शिमला को फोरलेन से जोड़ा जाना है। सोलन में उद्योग विकसित करने के लिए रेललाइन में विस्तार, नकदी फसलों के लिए प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना, सिरमौर में जगाधरी से पांवटा तक ट्रेन, खोदरी, यमुना तट चैनेलाइजेशन और सड़कों का निर्माण सहित एनएच का दर्ज दिलाया जाना आदि शामिल है। कहा कि हिमाचल प्रदेश में मोदी मैजिक का असर दिखा है। भाजपा ने चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। यह जीत जनता और कार्यकर्ताओं की है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों को सराहा है, जबकि हिमाचल में कांग्रेस सरकार को आइना दिखाया है।
केडी सुल्तानपुरी ने लगातार छह बार दर्ज की थी जीत
कांग्रेस प्रत्याशी रहे जिला सोलन के कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी के पिता कृष्ण दत्त सुल्तानपुरी लगातार छह बार इस सीट से जीते थे। वह 1980 से 1998 तक सांसद रहे। सिरमौर जिला के प्रताप सिंह दो बार सांसद चुने गए थे। सोलन जिला के कर्नल धनी राम शांडिल ने भी इस सीट से दो बार लोकसभा का चुनाव जीता। 1977 में शिमला के बालक राम कश्यप भी इस सीट से सांसद चुने गए थे। उनका कार्यकाल ढाई साल रहा।

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