
मंडी : देवता उप समिति के संयोजक एवं एडीएम मंडी डॉ. मदन कुमार ने आज यहां बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में देवी-देवताओं के लिए व्यवस्था विशेष रूप से सुनियोजित ढंग से की गई है। सभी पंजीकृत देवताओं को पड्डल मैदान में पौड़ियों पर पैगोड़ा शैली में शिविर लगाकर तथा विधिवत मैटिंग करवाकर विराजमान किया गया है।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में इस वर्ष कुल 216 पंजीकृत देवी-देवताओं को औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था, जिनमें से अब तक लगभग दो सौ के करीब देवी-देवता मेले में पहुंच चुके हैं।
उन्होंने बताया कि मैदान में देवताओं के बैठने के लिए स्थान आवंटन की जिम्मेदारी सर्व देवता समिति को सौंपी गई है। जैसे-जैसे देवी-देवता पड्डल मैदान पहुंच रहे हैं, समिति द्वारा उन्हें निर्धारित स्थान प्रदान किया जा रहा है, जिससे व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
एडीएम ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्हें बैठने के लिए दरियां उपलब्ध करवाई गई हैं तथा भोजन पकाने और ठंड से बचाव के लिए लकड़ी (बालन) भी प्रदान की जा रही है, ताकि किसी को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा अब तक देवी-देवताओं के लिए राशन व सब्जी व्यवस्था इत्यादि के लिए लगभग 24 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। शेष देवताओं के मेले में पहुंचते ही उन्हें भी समान रूप से राशन, दरी और लकड़ी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने विश्वास दिलाया है कि शिवरात्रि मेले में आने वाले सभी देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यह देव महोत्सव श्रद्धा, परंपरा और सुव्यवस्था का आदर्श उदाहरण बन सके।





