
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन
5 मई 2023

सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना होते हैं लेकिन ज्योतिष की दृष्टि से भी इनका विशेष महत्व रहता है। जब भी सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण लगते हैं तो किसी न किसी रूप में विभिन्न राशियां इनसे प्रभावित होती हैं। कुछ राशियों के लिए यह ग्रहण बेहद शुभ होते हैं तो कुछ राशियों की परेशानियां भी बढ़ाते हैं। ज्योतिष शोधार्थी एवं एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान रिसर्च पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी ने बताया कि साल 2023 का पहला चंद्र ग्रहण आज 5 मई को लग रहा है और इस दिन बुद्ध पूर्णिमा भी है। 130 साल बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बना है जब बुद्ध पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का भी योग है। पंचांग के अनुसार इस साल 4 मई को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रात 11 बजकर 44 मिनट से लग रही है और यह अगले दिन 5 मई को रात 11 बजकर 03 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर बुद्ध पूर्णिमा 5 मई को है। इस दिन चंद्र ग्रहण 5 मई की रात 8 बजकर 45 मिनट से लेकर मध्य रात्रि 1 बजे तक रहने वाला है। इस दिन सूर्योदय से लेकर सुबह 09 बजकर 17 मिनट तक सिद्धि योग रहने वाला है। इसी दिन स्वाती नक्षत्र भी रहेगा। बता दें कि स्वाती नक्षत्र सुबह से लेकर रात 09 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।
गुरमीत बेदी ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा पर 130 साल बाद ऐसा योग बन रहा है। वहीं शनि स्वराशि कुंभ में विराजमान हैं। गुरु, बुध और सूर्य मेष राशि में रहेंगे। बुध और सूर्य मिलकर बुधादित्य योग बनाने जा रहे हैं। 5 मई को लग रहा चंद्र ग्रहण उपच्छाया चंद्रग्रहण होगा। साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। लेकिन यह चंद्र ग्रहण वैशाख पूर्णिमा यानी बुद्ध पुर्णिमा पर लगेगा। इसलिए इसका खास महत्व है। इस दिन कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं जो कि कई राशि के जातकों के जीवन में धनलाभ और तरक्की के योग बना रहे हैं। चंद्र ग्रहण क्यों लगता है, इसके बारे में वैज्ञानिक रूप से कहा जाए तो पृथ्वी, सूर्य के चक्कर लगाती है और चंद्रमा, पृथ्वी के चक्कर लगाता है। इसी चक्कर के बीच एक समय ऐसा आता है जब पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है। इस स्थिति में ये तीनों एक सीध में आ जाते हैं। जिस वजह से सूर्य की किरणे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती हैं और इसी वजह से चंद्रमा पर ग्रहण लग जाता है। आसान भाषा में कह सकते हैं कि जब पृथ्वी, चंद्रमा को ढक दे तो समझ लें कि चंद्र ग्रहण लग गया है।

गुरमीत बेदी ने बताया कि पुराणों के अनुसार जब राहु चंद्रमा को ग्रसित करते हैं तब चंद्र ग्रहण का संयोग बनता है। सूर्य और चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल लगता है। चंद्र ग्रहण से पहले लगने वाले सूतक की अवधि को अशुभ माना जाता है लेकिन इस बार का चंद्र ग्रहण क्योंकि भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए भारत में इसका कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा। साल के पहले चंद्र ग्रहण का असर यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, अंटार्कटिका, प्रशांत अटलांटिक और हिंद महासागर पर रहेगा। गुरमीत बेदी ने बताया कि 5 मई को जो साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है वह मुकम्मल चंद्रग्रहण ना होकर उपछाया चंद्र ग्रहण है। जब चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया न पड़कर उपछाया पड़ती है तो इसे उपच्छाया चंद्र ग्रहण कहा जाता है। दरअसल ग्रहण लगने से पहले चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया में प्रवेश करता है जिसे चंद्र मालिन्य कहते हैं। इसके बाद चांद पृथ्वी की वास्तविक छाया भूभा में प्रवेश करता है लेकिन कई बार चंद्रमा उपछाया में प्रवेश करके उपछाया शंकु से ही बाहर निकलकर आ जाता है। ऐसे में उपछाया के समय चंद्रमा की रोशनी में हल्का धुंधलापन होता है, चंद्रमा का रंग मटमैला हो जाता है। इसे उपछाया चंद्र ग्रहण करते हैं।

गुरमीत बेदी ने बताया कि मई का यह चंद्रग्रहण स्वाति नक्षत्र में लगने वाला है इसलिए पांच राशियों को अच्छे फल भी देकर जाएगा। लेकिन कुछ राशियों को सावधान भी रहना होगा क्योंकि कुछ राशियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मिथुन राशि वालों के लिए यह चंद्र ग्रहण कोई न कोई खुशखबरी लेकर आएगा। अगर आप नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो इच्छा पूरी हो सकती है। नौकरी की तलाश करने वालों के लिए भी अच्छी खबर आ सकती है। नौकरी पेशा लोगों को प्रमोशन मिलने की संभावना है।
कन्या राशि वालों के लिए भी यह चंद्रग्रहण शुभ संकेत लेकर आ रहा है। लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य समस्या दूर होगी। आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। आर्थिक लाभ मिलेंगे। कॅरिअर में बहुत ही पॉजिटिव बदलाव की संभावना बढ़ सकती है। धनु राशि वालों का लंबे समय से अटका हुआ कोई काम अब सिरे चढ़ने से आपको प्रसन्नता हासिल होगी और परिवार में विवाह योग्य संतान के लिए भी अच्छे रिश्ते आएंगे। कोर्ट कचहरी में अगर कोई मामला चल रहा है तो निर्णय आपके पक्ष में आ सकता है। मकर राशि वालों के लिए चंद्र ग्रहण काफी शुभ रहने वाला है। अगर आप बिजनेस कर रहे हैं तो लाभ पहुंचेगा। धन के लाभ की संभावना बन रही है। संतान की कोई उपलब्धि रोमांचित करेगी। विदेश जाने के योग बनेंगे।
गुरमीत बेदी ने बताया कि चंद्र ग्रहण 5 राशियों के लिए शुभ नहीं है। यह राशियां है मेष राशि, वृषभ राशि, कर्क राशि, सिंह राशि और तुला राशि। चंद्र ग्रहण के दौरान मेष राशि के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि चंद्र ग्रहण के प्रभाव से आप कुछ गलत फैसले ले सकते हैं जिससे आपको बाद में पछताना पड़ सकता है। इसके अलावा आप की आर्थिक स्थिति पर भी निगेटिव असर पड़ सकता है। वृषभ राशि वालों के लिए भी चंद्र ग्रहण शुभ नहीं है। वृषभ राशि वालों को वाद-विवाद से खुद को दूर रखना होगा और परिवार के साथ संबंधों में थोड़ा उतार-चढ़ाव भी आ सकता है। लिहाजा मानसिक अशांति का कारण भी यह चंद्रग्रहण बन सकता है।

कर्क राशि वालों को अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद सतर्क रहना होगा। आपको अपने कार्य क्षेत्र में थोड़ा कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। मान सम्मान में थोड़ी कमी आ सकती है। कर्क राशि वाले नियमित रूप से भगवान शिव की पूजा करते रहें। सिंह राशि वालों को परिवार के बुजुर्गों की सेहत पर फोकस रखना होगा। अभी इन्वेस्टमेंट करने से भी बचना होगा। चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे इसलिए चंद्रग्रहण का सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव तुला राशि पर देखने को मिलेगा। तुला राशि वालों को तनाव और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पिता की सेहत और बच्चों को लेकर भी तनाव हो सकता है।
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