सिरमौर में वन अधिकार, राजस्व व आपदा कार्यों की समीक्षा, 1522 परिवारों को मिली राहत

नाहन,
राजस्व, उद्यान, जनजातीय विकास एवं लोक शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जिला सिरमौर के नाहन स्थित बचत भवन में वन अधिकार अधिनियम, राजस्व मामलों तथा आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक की।

मंत्री ने वन अधिकार अधिनियम 2006 के क्रियान्वयन को गति देने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उपमंडलीय स्तरीय समिति (एसडीएलसी) और वन अधिकार समितियों की कार्यप्रणाली, भूमिका एवं जिम्मेदारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिनियम के तहत पात्र समुदायों को लाभ पहुंचाने के लिए सक्रियता से कार्य किया जाए। बैठक में बताया गया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा शिलाई उपमंडल के 29 मामलों को योग्य माना गया है।

इसके बाद आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। अवगत करवाया गया कि जिले में अब तक विभाजन के 96, सीमांकन के 447, राजस्व प्रविष्टियों के सुधार के 123, अतिक्रमण के 20 तथा इंतकाल के 11 मामलों का निपटारा किया जा चुका है।

विशेष राजस्व लोक अदालत में अब तक 946 मामलों का निपटारा हुआ है। इनमें उत्परिवर्तन के 252 और इंतकाल के 694 मामले शामिल हैं। वहीं विशेष लोक अदालत में विभाजन के 57 और राजस्व प्रविष्टियों के सुधार के 96 मामलों का भी समाधान किया गया है।

आपदा समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2023 की आपदा के तहत विशेष राहत पैकेज से 1522 पात्र परिवारों को लाभान्वित किया गया। इसमें 66 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान, 853 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान, 292 गौशालाएं, 262 फसल क्षति तथा दो दुकानों को हुए नुकसान के लिए कुल 11 करोड़ 9 लाख 149 रुपए की राहत राशि प्रदान की गई।

इसके अतिरिक्त, आपदा विशेष राहत पैकेज 2025 के तहत 511 प्रभावितों को 4 करोड़ 41 लाख 1 हजार 500 रुपए की राहत राशि वितरित की गई है।

बैठक में विधायक नाहन विधानसभा क्षेत्र अजय सोलंकी, उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर. वर्मा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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