
सुंदरनगर,
बाल विकास परियोजना अधिकारी सुंदरनगर पूनम चौहान की अध्यक्षता में ‘पोषण भी पढ़ाई भी’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला सफलता पूर्वक संपन्न हो गई। इस दौरान जिला पोषण समन्वयक रजनीश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला 25 से 27 फरवरी 2026 तक बाल विकास परियोजना सुंदरनगर के तत्वावधान में आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में परियोजना सुंदरनगर की कुल 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु पोषण और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के समन्वित क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाना रहा।
कार्यशाला के दौरान चार सत्रों के माध्यम से पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई। आधुनिक शिक्षण तकनीकों, खेल-आधारित गतिविधियों तथा रचनात्मक शिक्षण विधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने के प्रभावी तरीकों पर विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने पोषण और शिक्षा के गहरे संबंध को स्पष्ट करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर ही सशक्त मस्तिष्क का आधार है।
इस अवसर पर आंगनवाड़ी केंद्रों के प्रभावी संचालन में सामुदायिक सहभागिता की भूमिका पर भी बल दिया गया। कार्यकर्ताओं को अभिभावकों, स्थानीय संस्थाओं और समुदाय के सहयोग से केंद्रों को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में ‘तिरंगा भोजन’ की अनोखी अवधारणा भी प्रस्तुत की गई, जिसमें लाल, हरे और पीले रंग के फल-सब्जियों—जैसे टमाटर, पालक, केला आदि—को तिरंगे से जोड़कर बच्चों में पौष्टिक आहार के प्रति रुचि बढ़ाने का सरल एवं आकर्षक तरीका बताया गया।
अंत में पूनम चौहान ने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पोषण और शिक्षा के समन्वय के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखें और आंगनवाड़ी केंद्रों को बाल विकास का सशक्त केंद्र बनाएं।





