
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन
30 जनवरी 2023

हिमाचल CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृहक्षेत्र में उल्टी-दस्त-बुखार से प्रभावित इलाके की उठाऊ पेयजल योजना को लेकर लीपापोती शुरू हो गई है कुनाह खड्ड से सर्कुलेशन टैंक के लिए बनाई गई पानी की कूहल के एक हिस्से को बंद कर दिया है, ताकि यह पता न चल पाए कि खड्ड से सीधा लाया गया पानी टैंक के अंदर जा रहा है।
विभाग ने योजना को चमकाने के लिए उसके टैंक पर रंग रोगन कर दिया है। अंदर का पानी बाहर फेंका जा रहा है। पानी की कमी पूरा करने के लिए खड्ड के एक हिस्से से कूहल बनाई गई थी, जिसका पानी सर्कुलेशन बेल तक पहुंचाया गया। यह पानी सीधा उसी परकूलेशन बेल में जाया करता था, लेकिन अब बीमारी फैलने के बाद इसके एक हिस्से को बंद कर दिया है और पानी का रुख खड्ड की ओर मोड़ दिया गया है, ताकि जवाबदेही से बचा जा सके।
वहीं सोमवार को सुबह करीब 9:30 बजे खड्ड से पानी का सैंपल लिया गया, जिसे पहले कंडाघाट लैब भेजा जाना था, लेकिन वहां की लैब की बजाय अब हमीरपुर स्थित NIT में सैंपल को भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट रात तक आ पाएगी या नहीं, अभी कहा नहीं जा सकता, लेकिन अब तक इस इलाके में उल्टी दस्त से प्रभावित मरीजों की संख्या 800 के करीब हो गई है। सोमवार को भी निजी क्लीनिकों और अन्य अस्पतालों में मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा। यह जानकारी जल शक्ति विभाग SDO रविंद्र कुमार ने दी।
बता दें कि जिले के 2 गांव रंगस और कंडरोला इस समय बीमारी से ग्रस्त हैं। दोनों गांवों में अब तक बीमारी से पीड़ित करीब 800 लोग मिल चुके हैं। लोगों ने पीने के पानी को ही बीमारी की असली वजह बताया है। वहीं जल शक्ति विभाग सैंपल पास होने का दावा करके जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों रंगस और कंडरोला के 22 गांवों में मरीजों की देखभाल में जुटी हैं। जल शक्ति विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी हरकत में आए हैं। विभाग ने फिलहाल योजना के तहत पानी की सप्लाई को रोक दिया है।
जल शक्ति विभाग द्वारा लिए गए पानी के सैंपल तो पास हो गए हैं, लेकिन एक सैंपल आज कंडाघाट स्थित लैब में भेजा जाएगा। उसकी रिपोर्ट देर शाम तक आने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग भी सोमवार को लोगों की टंकियों में स्टोर पानी के सैंपल लेकर उसे अपनी लैब में जांच के लिए भेजेगा। कुछ सैंपल रविवार को भी लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट आज आएगी।
बीमारी फैलने के बाद जल शक्ति विभाग में भले ही अंदरूनी तौर पर हड़कंप न मचा हो, लेकिन माना जा रहा है कि योजना की बदइंतजामी की जो रिपोर्ट सरकार ने मंगवाई है और इलाका प्रतिनिधियों ने जो कारण बताए हैं, उसको आधार बनाकर विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों पर गाज गिरनी तय है।
इधर CMO डॉ आरके अग्निहोत्री का कहना है कि 22 गांवों का दौरा करके मरीजों की स्थिति का जायजा लिया गया है। मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बीमारी का स्तर बहुत सीरियस नहीं है। बीमारी नियंत्रण में है। विभाग अपने स्तर पर लोगों की टंकियों से सैंपल लेकर अपनी लैब में जांच करवाएगा।
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन





