
सरकाघाट
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), विकास खंड धर्मपुर की ओर से रखोह में एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना और कृषि क्षेत्र में उन्हें आत्मनिर्भर बनाना रहा। गोष्ठी में विधायक चन्द्रशेखर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। किसान गोष्ठी में लगभग 120 किसानों ने भाग लिया। गोष्ठी के दौरान किसानों को भिंडी, कोदरा व अन्य फसल के बीज भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर विधायक चन्द्रशेखर ने किसानों को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय कृषि की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने धर्मपुर की जलवायु और मिट्टी हल्दी की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य धर्मपुर को एक प्रमुख हल्दी उत्पादक क्षेत्र के रूप में स्थापित करना है। साथ ही उन्होंने किसानों को प्राकृतिक विधि से हल्दी की खेती अपनाने तथा विभिन्न सरकारी अनुदान योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने प्राकृतिक उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने का निर्णय लिया है। राज्य में गेहूं, मक्की, जौ और हल्दी पर सर्वाधिक एमएसपी प्रदान की जा रही है, जिससे अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
विधायक चन्द्रशेखर ने कहा कि आत्मा परियोजना विभिन्न विभागों का संयुक्त प्रयास है, जिसके माध्यम से किसानों को तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादन की अपार क्षमता रखता है, इसलिए कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने के प्रभावी उपाय खोजने की आवश्यकता है।
उन्होंने किसानों से गौ पालन को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती और पशुपालन एक-दूसरे के पूरक हैं। राज्य सरकार ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए गाय के दूध का 51 रुपये तथा भैंस के दूध का 61 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य निर्धारित कर प्रदेश को इस दिशा में देश का अग्रणी राज्य बनाया है।
इस दौरान प्राकृतिक विधि द्वारा तैयार हिम भोग आटा का भी विधिवत शुरूवात की।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
आत्मा परियोजना के निदेशक मण्डी राकेश कुमार ने किसानों को प्राकृतिक खेती के विभिन्न फायदे, मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने के उपाय तथा प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों को तैयार करने की विधियों के बारे में विस्तार से जागरूक किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों और सहायता की जानकारी भी दी।
वहीं उपमण्डलीय आयुष अधिकारी डॉ. हेमलता ने आयुर्वेद और योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार तथा प्राणायाम के लाभ बताए। उद्यान विकास अधिकारी डॉ. शबनम राणा ने उद्यान विभाग की योजनाओं, आधुनिक बागवानी तकनीकों और अनुदान संबंधी जानकारी देकर किसानों को नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी राजेन्द्र जस्वाल ने उन्नत पशुपालन से संबंधित योजनाओं, पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं पोषण प्रबंधन पर जानकारी दी। इस अवसर पर प्रगतिशील किसान एवं एफपीओ प्रभारी अजय ठाकुर और रमेश ने प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए इसके लाभ बताए।
इस अवसर पर विषयवाद विशेषज्ञ कृषि भूप सिंह, खंड तकनीकी प्रबंधक सरिता ठाकुर व महेंद्र, सहायक तकनीकी प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।





