हिमाचल: किन्नू 12, माल्टा, संतरा, गलगल 10 रुपये में बिकेगा; 21 नवंबर से 15 फरवरी तक फलों को बेच सकेंगे किसान

प्रदेशभर के किसान 21 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक खेतों में तैयार किन्नू, माल्टा, संतरा और गलगल की फसल को बेच सकेंगे। किन्नू, माल्टा, संतरा की बी और डी ग्रेड के किसानों को 12 रुपये प्रति किलो दाम मिलेंगे। गलगल के दाम सरकार की ओर से 10 रुपये प्रति किलो तय किए हैं। इसके लिए उद्यान विभाग की ओर से प्रदेश भर में कुल 54 फल विक्रय केंद्र खोले गए हैं। कांगड़ा में 21, मंडी में 13, ऊना में पांच, हमीरपुर में पांच, बिलासपुर में पांच, सिरमौर में दो, सोलन में दो और कुल्लू जिला में एक केंद्र खोला गया है।

सरकार की ओर से चलाई गई मंडी मध्यस्थता योजना में किसान अपने सिट्रस फलों को तय दामों पर बेच सकेंगे। इसके लिए हिमफेड और एचपीएमसी की ओर से इन फलों को खरीदा जाएगा। इसकी अधिसूचना विभाग की ओर से जारी कर दी गई है। ग्रेड बी में किन्नू, माल्टा, संतरा का आकार 51 एमएम तक होना चाहिए और फल में किसी प्रकार का कट या कीड़ा नहीं होना चाहिए। इसकी तरह ग्रेड सी में फल का आकार 40 से 50 एमएम के बीच होना चाहिए। इसके अलावा गलगल का कोई ग्रेड तय नहीं किया गया है, लेकिन फल साफ होना जरूरी है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में सिट्रस फलों की करीब 20 हजार मीट्रिक टन फसल हुई थी।

केंद्रों के नाम
कांगड़ा – बैजनाथ, भोग्रवां, बनखंडी, भेडू महादेव, ढलियारा, डाडासीबा, इंदपुर, जाच्छ, ज्वालामुखी, जवाली, कंदरोड़ी, खुंडियां, कस्बा कोटला, लंज, लंबागांव, नगरोटा बगवां, नगरोटा सूरियां, पंचरुखी, परागपुर, रानीताल और शाहपुर।
मंडी- बरयारा, चैलचौक, धर्मपुर, जरोल, जोगिंद्रनगर, कोटली, नलसर, रिवालसर, सरकाघाट, सौली खड्ड, सुराड़ी, तलयाड़, समरां।
ऊना- अंब, बंगाणा, गगरेट, सलोह, ऊना।
हमीरपुर- बिझड़ी, हमीरपुर, नादौन, सुजानपुर और तरक्वाड़ी।

बिलासपुर- बरोहा, कलोल, निहारी, निहाल, स्वारघाट।
सिरमौर- बगथान और धौलाकुआं।

सोलन- नालागढ़, परवाणु।
कुल्लू- लूहरी।

सरकार और विभाग की ओर से सिट्रस फलों की खरीद के लिए प्रदेश भर में 54 केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों में किन्नू, माल्टा, संतरा का दाम 12 रुपये और गलगल का दाम 10 रुपये प्रति किलो तय किया गया है। 21 नवंबर, 2025 से 15 फरवरी, 2026 तक किसान इन केंद्रों में अपने फल बेच सकते हैं। – डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग कांगड़ा।

Share the news