
शिमला। असम चुनाव प्रचार से वापस शिमला लौटे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि चुनाव प्रचार की जो जिम्मेदारी पार्टी ने दी थी, उसका उन्होंने निर्वहन किया है। जहां-जहां उन्होंने रैलियां की हैं, वहां स्थिति अच्छी लगती है। बाकी चुनाव परिणाम तो भविष्य के गर्भ में है। वह बुधवार को मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सैलरी को डेफर करना सैलरी में कटौती नहीं है। राज्य के फाइनांसियल सिस्टम में सुधार के लिए प्रदेश सरकार जरूरी कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एमरजेंसी जैसे हालात वाले बयान पर कहा कि कम बजट पेश करने का मतलब यह नहीं होता कि हम आगे नहीं बढ़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ेगा। आरडीजी बंद होने के बाद बजट को कम किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र हमारे पैसे रोकने की कोशिश कर रही है, वह जनता का अधिकार है। बीजेपी से सवाल करते हुए कहा कि आरडीजी को लेकर सरकार के साथ खड़े क्यों नहीं हुए?
अब किसी अधिकारी को नहीं देंगे एक्सटेंशन
सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार 31 मार्च, 2026 के बाद किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को री-एम्प्लॉयमेंट और एक्सटेंशन नहीं देगी। स्वास्थ्य विभाग में व्यवस्था थोड़ी अलग हो सकती है, क्योंकि मेडिकल टीचर्स की जरूरत अलग होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी अफसर का काम बहुत अच्छा है, तो उसको भी एक्सटेंशन दी जा सकती है।
सीएम का तंज, हर मामले में राजनीति करती है भाजपा
बीजेपी पर निशाना साधते हुए सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हम तो पहले से कह रहे हैं कि पंचायत चुनाव 31 मई से पहले होंगे, लेकिन भाजपा हर मामले में राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी पांच गुटों में बंटी हुई है और अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। हिमकेयर योजना पर अफसोस जताते हुए कहा कि इस योजना में पुरुषों के बच्चेदानी के ऑपरेशन के चार मामले पकड़े हैं। बच्चेदानी के ऑपरेशन तो महिलाओं के होते हैं। इस योजना के तहत झूठे बिल बनाए गए हैं, जिसकी जांच चल रही है।
सीएम ने कहा कि जनता के सामने इसको उजागर करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि हिमकेयर योजना सरकार बंद नहीं कर रही है। योजना को इंश्योरेंस के तहत लाने की प्राथमिकता है। पंचायत चुनाव को लेकर हाई कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट शक्तियां देती है, उस पर रोक लगती रहती है। कोर्ट का भी दायित्व बनता है।





