
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने बीपीएल परिवारों के चयन से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। साथ ही नए आवेदन भी 31 मार्च तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने पर चार अप्रैल तक पंचायत स्तर पर पात्र परिवारों की सूची जारी की जाएगी, जिसे बीपीएल की छठे चरण (फेज-6) की सूची के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार मनरेगा में 20 दिन काम करने वाले परिवारों को भी अब बीपीएल में प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरजीत सिंह ने इस बारे में आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार अब ऐसे परिवार, जिनके सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कम से कम 20 दिन काम किया है, उन्हें बीपीएल चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा जिन परिवारों की मुखिया महिला हो और परिवार में 27 से 59 वर्ष के बीच कोई वयस्क पुरुष सदस्य न हो तथा जिन परिवारों के मुखिया को 50 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता हो, उन्हें भी बीपीएल सूची में रखा जाएगा।
अन्य पात्र परिवारों में जिन परिवारों के कमाने वाले सदस्य कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीडि़त हों या कोई ऐसी बीमारी हो जिससे स्थायी दिव्यांगता होती हो, उन्हें भी बीपीएल में शामिल किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने पक्के मकान वाले वे परिवार, जिन्होंने राज्य या केंद्र सरकार की आवास योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता ली है, उन्हें भी बीपीएल सूची में शामिल करने का निर्णय लिया है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले से चल रही प्रक्रि+या के तहत चरण-एक से चरण-पांच तक प्राप्त आवेदनों पर भी विचार किया जाएगा। ग्रमीण विभाग ने यह भी साफ किया है कि पहले के चरणों (फेज-1 से फेज-5) में की गई सभी कार्रवाई, तैयार सूचियां और लिए गए निर्णय पहले की तरह ही मान्य रहेंगे।
इतने परिवारों का चयन
बीपीएल के पहले चरण में 27144 परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है। इसके अलावा दूसरे चरण में 21547 परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है। वहीं, तीसरे चरण में 11997 परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है। इसके अलावा चौथे चरण में 14746 परिवारों को बीपीएल में शामिल किया गया है। बीपीएल परिवारों को चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार अप्रैल तक छठे चरण की सूची जारी कर दी जाएगी।





