
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में 300 डाक्टरों को प्रशिक्षण देने और अवकाश रिजर्व कोटा बनाने के निर्देश दिए, ताकि पीजी कोर्स के लिए जाने वाले डाक्टरों के कारण उत्पन्न रिक्तियों से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों और इन रिक्तियों को तुरंत भरा जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों में 3,000 करोड़ व्यय कर विश्वस्तरीय, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार नैदानिक सेवाओं को मजबूत कर रही है तथा पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए ठोस कार्य किए गए हैं, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जा सके। स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पद भी सृजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला में भी जल्द ही पैट स्कैन और रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी। राज्य के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाणा और डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में मरीजों को रोबोटिक सर्जरी सेवाएं मिल रही हैं। सरकार सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाओं के उन्नयन पर विशेष बल दे रही है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान मेडिकल छात्रों के लिए छोटे बैच बनाने के भी निर्देश दिए। किसी भी कक्षा में 60 से अधिक छात्र नहीं होने चाहिए। मेडिकल कालेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार नए लेक्चर थिएटरों के निर्माण में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुखता से कार्य कर रही है। सरकार प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि मरीजों को बेहतर चिकित्सा के लिए प्रदेश से बाहर न जाना पड़े। बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, विशेष सचिव अश्विनी कुमार, निदेशक आयुष निपुण जिंदल, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डा. गोपाल बेरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कुशल डाक्टर तैयार करेंगे राज्य के मेडिकल कालेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा मिलने के साथ-साथ चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य विभाग को सभी पहलों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि लोग विस्तृत स्तर पर लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार निरंतर चिकित्सा शिक्षा में सुधार और कालेजों में पर्याप्त अधोसंरचना सुनिश्चित कर रही है, जिससे प्रदेश में कुशल डाक्टर तैयार होंगे। सरकार के ये कदम स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक साबित हो रहे हैं।





