हिमाचल में पेंशन, उपदान और कर्ज से 1,368 करोड़ बढ़ा राजस्व घाटा

#खबर अभी अभी धर्मशाला ब्यूरो*

24 दिसंबर 2023

CAG Report: Revenue expenditure increasing in Himachal due to pension, gratuity and taking loans.

हिमाचल प्रदेश में पेंशन, उपदान और ऋण लेने के कारण राजस्व व्यय बढ़ रहा है। महालेखाकार कार्यालय ने राज्य सरकार को सभी अनुत्पादक व्ययों में कटौती का सुझाव दिया है। शनिवार को शीत सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा सदन में वर्ष 2022-23 की महालेखा परीक्षक रिपोर्ट पेश की।

रिपोर्ट में सामान्य आर्थिक वातावरण और नीतिगत परिवर्तनों से विचलन संबंधी विवरण देते हुए बताया कि नवीनतम बजट प्राक्कलन के अनुसार राजस्व घाटा 6,072.94 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो कि बजट अनुमान से 1,368.81 करोड़ रुपये अधिक है। राजकोषीय घाटा 9,900.14 करोड़ के बजट अनुमान की तुलना में 12,515.73 करोड़ रहने का अनुमान है। इस प्रकार राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद की प्रतिशतता के रूप में 5.82 फीसदी रहने का अनुमान है।

रिपोर्ट में बताया कि जुलाई-अगस्त में बाढ़, भूस्खलन ने बुनियादी ढांचे को क्षतिग्रस्त किया है। इससे राजस्व भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में राज्य की अर्थव्यवस्था के साथ बुनियादी ढांचे को बहाल करने में समय लगेगा। रिपोर्ट के अनुसार राज्य वस्तु एवं सेवाकर तथा जल उपकर से प्राप्तियों में कमी के कारण राजस्व में 752.33 करोड़ रुपये की कमी संभावित है।

राजस्व व्यय के तहत पेंशन के व्यय में 621.22 करोड़ की बढ़ोतरी संभावित है जो पेंशन, सेवानिवृत्ति लाभ के सरकार के आदेशानुसार कुछ बकाया राशि की अदायगी के कारण है। अन्य राजस्व व्यय में 762.57 करोड़ की बढ़ोतरी उपदान और सहायता अनुदान आदि पर अधिक व्यय के कारण है।

#खबर अभी अभी धर्मशाला ब्यूरो*

Share the news