हिमाचल: हिंदी का विकल्प खत्म, छठी से अंग्रेजी माध्यम जरूरी; शिक्षा बोर्ड ने तीन कक्षाओं का पाठ्यक्रम बदला

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तीन कक्षाओं का पाठ्यक्रम बदल दिया है। अब छठी कक्षा से अंग्रेजी माध्यम अनिवार्य कर दिया है। नए सत्र 2026-27 में चौथी, पांचवीं और छठी कक्षा के विद्यार्थी नए पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई करेंगे।
बोर्ड ने नई पाठ्य पुस्तकों को तैयार करवाकर स्कूलों में वितरण शुरू कर दिया है। यह बदलाव नई शिक्षा नीति के तहत एनसीईआरटी की ओर से पाठ्यक्रम में किए गए बदलावों के अनुसार किया है। बदलाव विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने, खेल-खेल में सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से किया है। नया पाठ्यक्रम सभी सरकारी और बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में लागू होगा।

जिला पुस्तक वितरण केंद्र, हमीरपुर के प्रभारी विनीत शर्मा ने बताया कि नई किताबों के नाम व पाठ्यक्रम में बदलाव किया है। पुस्तकें स्कूलों को भेजी जा रही हैं। चौथी कक्षा में वीणा भाग दो, संतूर दो अंग्रेजी, मैथ्स मेला व भोटी भाषा शामिल है। 5वीं कक्षा में वीणा तीन हिंदी, संतूर अंग्रेजी, मैथ मेला, अवर वंडर्स वर्ल्ड तीन ईवीएस, भोटी भाषा, मोरल एजुकेशन, स्ट्रगल ऑफ फ्रीडम फाइटर्स शामिल है।

छठी में मलहार, पूर्वी, मोरल एजुकेशन, स्ट्रगल ऑफ फ्रीडम फाइटर्स, दीपकम, गणिता प्रकाश, क्रियोसिटी, एक्सप्लोरिंग सोसायटी इंडिया एंड वियोंड, होम साइंस, हिंदी व्याकरण व रचना, अंग्रेजी ग्राम, फोल्क कल्चर ऑफ हिमाचल एंड योग, ख्याल, कृति, संगीत प्राज्ञया भाग एक शामिल किया गया है। बोर्ड के सचिव डाॅ. विशाल शर्मा ने कि चाैथी, पांचवीं, और छठी कक्षा का पाठ्यक्रम बदला है। छठी में अब अंग्रेजी माध्यम ही होगा।

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