आईआईटी मंडी के शोधार्थियों ने किया अध्ययन, ऊंचाई वाले क्षेत्रों का सूखे से गहरा संबंध

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

14 जून 2023

IIT Mandi researchers study relation between high altitude areas and drought

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के शोधकर्ताओं ने ऊंचाई और सूखे के बीच के संबंधों का पता लगाया है। सामने आया है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सूखे की घटनाएं अधिक हो रही हैं। आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने सिंधु नदी के प्रवाह क्षेत्र में सूखे की घटना और ऊंचाई से इसमें बदलाव के बीच संबंध का पता लगाने के लिए मौसम संबंधी मापदंडों का उपयोग किया। साबित हुआ है कि ऊंचाई और सूखे के बीच मजबूत संबंध है।

जहां निचले क्षेत्रों में वर्षा के रुझानों को देखा जा रहा है, वहीं ऊंचाई वाली भूमि पर सूखे की घटनाएं हो रहीं हैं। इस रिसर्च के निष्कर्षों को जर्नल एटमॉस्फेरिक रिसर्च में विभिन्न शोधार्थियों के सहयोग से प्रकाशित किया गया है। जनसंख्या में लगातार वृद्धि के साथ ही पानी की मांग में भी लगातार वृद्धि हो रही है। इसकी उपलब्धता सीमित है। इसके साथ ही वैश्विक जलवायु परिवर्तन और बाढ़ और सूखे जैसे अत्यधिक जल संबंधित घटनाओं के कारण मानव समाज को खतरा पैदा हो रहा है।

शोध के बारे में बात करते हुए आईआईटी मंडी के डॉ. विवेक गुप्ता ने कहा कि 2,000 मीटर से नीचे के क्षेत्रों में नमी की स्थिति देखी गई, जबकि 2,000 और 6,000 मीटर के बीच की ऊंचाई में शुष्क स्थिति देखी गई। हालांकि 4,000 मीटर से ऊपर की ऊंचाई पर सूखे की दर धीमी थी। इसके अलावा शोध के निष्कर्षों ने अलग-अलग मौसमों में सूखे की स्थितियों में महत्वपूर्ण विविधता पर प्रकाश डाला है। मानसून और मानसून के बाद के मौसम में अधिकतर क्षेत्रों में नमी की स्थितियां देखी गईं जबकि प्री-मानसून मौसम में सूखे की स्थितियों वाले अधिक क्षेत्र देखे गए। अध्ययन क्षेत्र में अत्यधिक सूखे की स्थितियां 1979-2020 तक शून्य प्रतिशत से पांच प्रतिशत तक विस्तारित हुईं हैं।

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