
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
16 अगस्त 2023
sयूरोपीय देशों को पार कर तुर्किये, ईरान, इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते हिमाचल पहुंचे पश्चिमी विक्षोभ ने मानसून से जुगलबंदी कर तबाही का तांडव रचा। हिमाचल में अकेले मानसून ने ही हाहाकार नहीं मचाया है, बल्कि पश्चिम से आए विक्षोभ की अतिसक्रियता से देवभूमि के भंगुर पहाड़ दोहरे घिर गए। विक्षोभ अंध (अटलांटिक) महासागर से उठता है। उत्तरी अंध महासागर से उठी आर्द्र तूफानी हवाओं ने अपने साथ भूमध्य, कैस्पियन और कालासागर से नमी जोड़ी
दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से चलने वाला मानसून इस बार हिमालय के फुटहिल तक पहुंच गया। अमूमन ऐसा नहीं होता है। तबाही के इस मंजर में सबके जहन में एक ही सवाल है कि हिमाचल में इस बार इतनी भारी तबाही क्यों हो रही है? इस बार मानसून 24 जून को हिमाचल पहुंचा, पर उससे पहले ही पश्चिमी विक्षोभ खूब बारिश कर रहा था।
मई से ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया था। कई वर्षों से मानसून से पूर्व ऐसी बारिश कभी नहीं हुई। इसी से अगले संकेत भी मिल गए थे। विक्षोभ के यही तेवर मानसून की चरम अवस्था में भी बने हुए हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का जैसे डबल इंजन काम रहा है।
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*





