
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
15 जून 2023

अब शिमला में राजभवन की ऐतिहासिक इमारत बार्नेस कोर्ट का जीर्णोद्धार नहीं होगा। इसे फिलहाल पीटरहॉफ शिमला के लिए शिफ्ट करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। इस हेरिटेज भवन को वर्तमान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल जस का तस रहने देना चाहते हैं। पिछले राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के कार्यकाल में साल भर पहले इस ऐतिहासिक भवन को गिराकर इसे दोबारा से खड़ा करने का प्रस्ताव तैयार किया गया थ
बाद में यह तय हुआ कि धरोहर भवन होने के नाते इसे पूरी तरह से गिराना सही नहीं होगा। इसका जीर्णोद्धार किया जा सकता है, मगर यह भी ठीक उसी रूप में होना चाहिए, जिस तरह से यह इमारत है। 190 साल से ज्यादा पुराने इस बार्नेस कोर्ट भवन के जीर्णोद्धार की अवधि में राज्यपाल को पीटरहॉफ में बैठाने की तैयारी थी, क्योंकि भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान ने संबंधित प्रस्ताव ठुकरा दिया था।
वर्ष 1832 से पहले बने ऐतिहासिक बार्नेस कोर्ट भवन में अंग्रेजों के शासनकाल में उनके कमांडर-इन-चीफ रहते थे, जबकि वर्तमान में यहां राजभवन चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के अलावा तीन एजेंसियों ने इसका निर्माण ऑडिट भी कर लिया था। इसके अनुसार इस भवन के पुरानी धज्जी दीवार तकनीक से बने होने के कारण इसका जीर्णोद्धार मुश्किल माना गया था, जबकि इस भवन को गिराकर उसी ढांचे में दोबारा तैयार करना आसान बताया जा रहा था।
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