
सराहां
पच्छाद उपमंडल में अंतर्गत आने आने वाले 23 उपस्वाथ्य केंद्रों में से मात्र तीन उपस्वास्थ्य में ही कर्मचारी तैनात होने के कारण क्षेत्र के लोगों जो भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उपमंडल के अंतर्गत आने वाले 23 में से 20 स्वास्थ्य केंद्रों में महीने में अधिकतर समय ताले लटके रहते है।इन उपस्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण करने के लिए ही डेपुटेशन पर कर्मचारी जाते है।जिससे स्वास्थ्य विभाग व सरकार की घर द्वार स्वास्थ्य सुविधा देने की सच्चाई भी सामने आई है।उपमंडल में 23 में से 20 पद खाली पड़े होने से क्षेत्र के लोग भी नाराज है।पच्छाद उपमंडल के बनाहा की सेर, सिरमौरी मंदिर व मड़ीघाट उप स्वास्थ्य केंद्र में ही महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद है।बाकी बाग पशोग,आंजटी घाट,बोहल घाट, जयहर, कुईना, चकली,घेँडो,वासनी,बसाहां,चमेंजी, सरसु, देवल टिकरी,ढंगयार, डिंगर किन्नर, कोटला पंजोला, धार टिक्करी, दाडो देवरिया,नेरी नावन, शाड़िया,वा नया गांव उप स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से खाली पड़े हुए हैं इन उप स्वास्थ्य केंद्र में पूरे महीने ताले लटके रहते हैं इनके ताले तभी खुलते है जब कोई उप स्वास्थ्य कार्यकर्ता डेपुटेशन पर टीकाकरण के लिए जाती है उसी दिन कुछ घंटे के लिए खुलते हैं जिस कारण लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य सुविधा का लाभ न मिलने के कारण मरीज को जहां अतिरिक्त पैसा खर्च करके सराहां, नाहन व सोलन जाना पड़ता है वही अतिरिक्त समय भी लगता है क्षेत्रवासी नागेंद्र शर्मा,संजय कुमार, कमलेंद्र शर्मा,संजीव कुमार, राजेश कुमार, सत्य प्रकाश चमन लाल व हीरा सिंह ने बताया कि उनके गांव में जो उप स्वास्थ्य केंद्र बने हैं उसमें कोई भी कर्मचारी न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने कहा कि महीने में उसी दिन उप स्वास्थ्य केंद्र का ताला खुलता है जिस दिन टीकाकरण होता है उन्होंने सरकार से मांग की कि शीघ्र ही इन उप स्वास्थ्य केंद्रों में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता या पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता तैनात किए जाएं ताकि लोगों को घर द्वार पर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।बीएमओ पच्छाद डॉ पुनीत शर्मा ने बताया कि पच्छाद उपमंडल के 23 उप स्वास्थ्य केदो में से 20 उप स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी नहीं है उन्होंने कहा कि खाली पड़े पदों की सूची उच्च अधिकारी को भेज दी गई है उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए अलग-अलग दिनों में डेपुटेशन पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता को भेजा जाता है।





