सेब सीजन के दौरान बागवानों की बड़ी मुश्किलें, पीठ पर सेब की ढुलाई करने को मजबूर

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

21 अगस्त 2023

apple season in shimla 400 roads blocked in rain hit areas Farmers facing problems

सेब सीजन के दौरान बागवानों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रदेश में अभी भी करीब 400 सड़कें बंद हैं, जिसके चलते बागवानों को पीठ पर सेब की ढुलाई करवानी पड़ रही है। एक किलाेमीटर का 100-100 रुपये प्रति पेटी तक किराया दिया रहा है। शिमला, मंडी और कुल्लू में बागवानों के लिए तैयार फसल मंडियों तक पहुंचना चुनौती बन गया है। बागवानों को सेब तुड़ान के बाद ढुलाई के लिए मजदूरों को दोगुने पैसे देने पड़ रहे हैं।

निचले इलाकों के बाद मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बगीचों में सेब की फसल तैयार है। समय पर तुड़ान और फसल मंडियों तक पहुंचाना जरूरी है, लेकिन सड़कें बंद होने से बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। शिमला जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों रोहड़ू-छुहारा, जुब्बल-कोटखाई, चौपाल-मड़ावग में कई मुख्य और संपर्क सड़कें बंद हैं। मंडी जिले के करसाेग, सराज और चुराग के अलावा कुल्लू के दलाश और आनी सहित अन्य क्षेत्रों में सड़कों की दशा खराब है।

मंडी के बालीचौकी के बागवान महेंद्र राणा का कहना है कि सड़कें बंद होने से सेब को मंडियों तक पहुंचाने का खर्चा दोगुना हो गया है। पहले बगीचे से सड़क तक ही पीठ पर ढुलाई होती थी। अब जहां संपर्क सड़कें बंद हैं, वहां कई किलोमीटर मजदूरों से ढुलाई करवानी पड़ रही है। कुल्लू आनी के बागवान हेमराज चौहान ने बताया कि बगीचे में फसल तैयार है, थिनिंग करके तुड़ान धीमा किया जा सकता है, रोक नहीं सकते। क्षेत्र में सड़कें बंद होने से बागवानों को भारी नुकसान का डर है।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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