
कुल्लू-
वर्ष 1977 में स्थापित सूत्रधार कला संगम कुल्लू आगामी 21 जून 2026 को अपने गौरवशाली 49 वर्ष पूर्ण कर 50वें स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है । सूत्रधार कला संगम कुल्लू अपने रजत जयंती वर्षगांठ उत्सव से कुल्लू घाटी की युवा व बाल प्रतिभाओं को सृजनात्मक कार्यों में जोड़ने के लिए तथा दुर्व्यसनों से बचाने के लिए शुरू की गई प्रतियोगिता सूत्रधार वर्षगांठ उत्सव अब 49वें वर्षगांठ को मनाने जा रहा है और इस उत्सव को आकर्षक बनाने हेतु गत दिवस कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक अध्यक्ष दिनेश सेन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें आगामी 21 जून से 23 जून 2026 तक आयोजित होने वाले 49वें सूत्रधार वर्षगांठ उत्सव को ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई ।
अध्यक्ष दिनेश सेन ने कहा कि सूत्रधार कला संगम कुल्लू ने अपनी रजत जयंती वर्षगांठ उत्सव से ही कुल्लू घाटी की युवा एवं बाल प्रतिभाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने तथा उन्हें नशे एवं अन्य दुर्व्यसनों सहित समाज में व्याप्त कुरीतियों से दूर रखने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन आरम्भ किया था । वर्तमान समय में युवाओं के बीच तेजी से फैल रही नशे की प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है और ऐसे समय में कला एवं संस्कृति ही युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकती है । उन्होंने कहा कि सूत्रधार कला संगम का उद्देश्य केवल मंचीय प्रस्तुतियां देना नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, लोक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ते हुए उन्हें जागरूक, सृजनात्मक एवं संस्कारित नागरिक बनाना है ।
बैठक में 49वें सूत्रधार वर्षगांठ उत्सव की विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के नियमों एवं रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श कर आवश्यक संशोधन भी किए गए । इस वर्ष 49वें सूत्रधार वर्षगांठ उत्सव के अंतर्गत कुल्लू के ऐतिहासिक लाल चन्द प्रार्थी कला केन्द्र एवं अटल सदन में भव्य सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन 21 जून से 23 जून तक किया जाएगा । इनमें लोकनृत्य (कुल्लवी नाटी), लोकनृत्य (रेकॉर्डेड), समूह नृत्य, लघुनाटक, फैशन शो, समूहगान, वाद्यवृन्द, प्रिंसेस सूत्रधार, लोकगीत, फिल्म गीत, शास्त्रीय गायन एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी । विशेष बात यह रहेगी कि इस वर्ष पहली बार अखिल भारतीय स्तर के लोकनृत्य (रेकॉर्डेड) प्रतियोगिता को भी शामिल किया गया है । वहीं कुल्लवी संस्कृति एवं पारंपरिक लोकनृत्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुल्लवी नाटी की अलग प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी । इस 49वें सूत्रधार वर्षगांठ उत्सव में प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ दलों (प्रथम, द्वितीय व तृतीय) को ट्रॉफी के साथ-साथ आकर्षक ईनाम भी प्रदान किये जायेंगे ।
प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम महंत ने जानकारी देते हुए बताया कि शीघ्र ही विभिन्न शिक्षण संस्थानों को प्रतियोगिताओं से संबंधित विस्तृत नियमावली एवं आमंत्रण भेजे जाएंगे, ताकि युवा कलाकार समय रहते अपनी तैयारियां प्रारंभ कर सकें ।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने संस्था के 50वें स्वर्णिम वर्ष को ऐतिहासिक, भव्य एवं अविस्मरणीय बनाने हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया तथा स्थानीय शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों एवं युवा कलाकारों से इस सांस्कृतिक महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया ।
बैठक में संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन सहित संरक्षक मण्डल सदस्य राजेन्द्र सूद, उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह, महासचिव अतुल गुप्ता, वित्त सचिव जोगिन्दर ठाकुर, सचिव मंजुलता शर्मा, यशोदा शर्मा व हितेश गोगी, लोकनृत्य प्रभारी सीमा शर्मा, प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम महंत, सहप्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य सुदेश कुमार, सुबोध सूद, भारत भूषण आचार्या एवं कैप्टन रणधीर सल्हुरिया, प्राचार्य संगीत अकादमी पं० विद्या सागर, आमंत्रित सदस्य निशांत गौतम, जीवन बुडाल, संजय पुजारी व सनी तथा प्रबन्धक उत्तम चन्द उपस्थित रहे ।
कुल्लू ब्यूरो रिपोर्ट सिशंत शर्मा..





