
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन
5 मई 2023
केंद्र सरकार की एजेंसी के पास हिमाचल प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के अंशदान को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की वर्तमान सरकार हाल ही में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में एक प्रस्ताव को पारित कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ को आधार बनाकर हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कर दिया गया है। मगर इसके तहत जमा पैसा तीन परिस्थितियों में ही केंद्र की एजेंसी पीएफआरडीए से वापस आ सकता है। ऐसे में बेशक ओपीएस को लागू करने की बात की गई है, मगर पीएफआरडीए में जमा सरकारी अंशदान को लाने की प्रक्रिया कितनी व्यावहारिक होगी, यह भविष्य ही बताएगा। जिन परिस्थितियों में अंशदान ले सकेंगे, उनमें से एक अदालत से केस जीतना पड़ेगा। कोर्ट के आदेश के बाद विद्या उपासकों को भी ओपीएस के तहत लाया जा चुका है।
केंद्र सरकार की एजेंसी के पास हिमाचल प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के अंशदान को वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व की वर्तमान सरकार हाल ही में बजट सत्र के दौरान विधानसभा में एक प्रस्ताव को पारित कर चुकी है। कर्मचारियों के पास यह बजट वर्ष 2003 से जमा है। यह उल्लेखनीय है कि पीएफआरडीए एकलगत राज्य सरकार या सरकारी कर्मचारियों को एकलगत सारा पैसा वापस देने से इंकार कर चुका है।
विधानसभा चुनाव के दौरान ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करना कांग्रेस की दस में से पहली गारंटी थी। इस गारंटी के लिए कांग्रेस को सत्ता में आने के लिए फायदा भी मिला। कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह ने पहली ही कैबिनेट बैठक में ओल्ड पेंशन स्कीम को बहाल करने का फैसला लिया।
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