
पंजाब से जिला शिमला के रोहड़ू के लिए हो रही चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना को फिरोजपुर से गिरफ्तार कर लिया है। फिरोजपुर पुलिस की मदद से शिमला पुलिस ने यह कार्रवाई अमल में लाई है। आरोपी हरदीप सिंह निवासी फिरोजपुर शकूर, पंजाब का रहने वाला है। एएसपी अभिषेक ने शिमला में पत्रकारवार्ता में बताया कि जांच में पता चला है कि मुख्य सरगना वर्चुअल नंबर के माध्यम से चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। वर्चुअल नंबर एक इंटरनेट-आधारित (क्लाउड) फोन नंबर है जो किसी भौतिक सिम कार्ड या डिवाइस से नहीं जुड़ा होता है। इसी के जरिये वह अपने अन्य साथियों को निर्देश देता था। 2 फरवरी 2026 को पुलिस ने रोहड़ू पुलिस स्टेशन के तहत मेहंदली में 83 ग्राम चिट्टे के साथ जशनदीप सिंह और धर्मप्रीत सिंह निवासी पंजाब को गिरफ्तार किया था। बैंक खातों की जांच में आरोपी जशनदीप सिंह के साथ हरदीप के बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन पाए गए हैं। खातों को खंगालने में पता चला है कि हरदीप सिंह ने सात महीनों में करीब 28 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया है। इसमें जशनदीप सहित अन्य कई लोगों ने लेनदेन किया है।
पुलिस का दावा है कि लाखों रुपये की रकम चिट्टे की खरीद के लिए उसके बैंक खाते में डाली गई थी। पुलिस अब मुख्य सरगना के अंतरराष्ट्रीय तस्करों से संलिप्तता को लेकर भी जांच कर रही है। इस अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी के मामले में पुलिस ने अभी तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब मामले की फारवर्ड लिंकेज की पड़ताल की तो इसमें कई लोगों की संलिप्तता पाई गई। इस मामले में पुलिस ने चार बड़े सप्लायरों को गिरफ्तार किया। इसमें आशीष चौहान, नवीन शिट्टा, दीवान चंद और विजेंद्र सिंह उर्फ छोटू शामिल थे। पुलिस ने इसके बाद बैकवर्ड लिंकेज को खंगालना शुरू किया तो पता चला कि आरोपी जशनदीप के बैंक खातों की जांच में पिछले चार महीनों के दौरान करीब 18 लाख रुपये का लेन-देन हुआ है। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर मामले में और लोगों की पहचान शुरू की। इसमें पता चला कि जशनदीप स्थानीय व्यक्तियों और मुख्य सप्लायर से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में रहता था।
58 दिन में 56 केस, 111 आरोपी गिरफ्तार
मुख्य सरगना वर्चुअल नंबर के इस्तेमाल से इनके साथ संपर्क में रहता था, जिसका मकसद अपनी पहचान को छिपाना था। पुलिस ने साइबर विशेषज्ञों और तकनीकी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस के मुताबिक इस अंतरराज्यीय गिरोह के मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर भी जांच की जा रही है। जिला पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए इस साल विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान का मकसद दूसरे राज्याें से जिला शिमला के लिए होने वाली नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करना है। यही वजह है कि पुलिस अब हर मामले में बैकवर्ड लिंकेज को गहनता से खंगाल रही है। इसके तहत पंजाब समेत कई राज्यों से चिट्टा तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। पुलिस ने इस साल 58 दिनों में 56 केस दर्जकर 111 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें कई अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोहों का भंडाफोड़ भी किया गया है।





