डिजिटाइजेशन एवं बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं का क्रियान्वयन’ विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन

कुल्लू –

जल शक्ति विभाग में डिजिटाइजेशन एवं बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं का क्रियान्वयन’ विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन सिटी चॉइस होटल कुल्लू में किया गया। कार्यशाला में सचिव जल शक्ति, वित्त,योजना अर्थ एवं सांख्यिकी डॉ अभिषेक जैन ने मुख्यातिथि के रूप में भाग लिया। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य फील्ड स्तर के अधिकारियों के समक्ष बैठकर विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करना है । उन्होंने कहा कि चाहे पेयजल या सिंचाई कि ज़रूरत जल प्रत्येक स्थिति में मानव की बल्कि सस्म्पूर्ण जीव जगत की महत्वपूर्ण एवं जल मूलभूत मानवीय आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला पर्यटन, बागवानी एवं सुन्दरता के लिए प्रसिद्ध है परन्तु हालिया आपदाएं बाढ़ , भूस्खलन, आदि घटनाएँ चिंता का कारण हैं जोकि हमारी कई पेयजल तथा सिचाई योजनाओं को भी नुकसान पहुचाती हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में सभी अधिकारियों के बीच सार्थक विचार विमर्श करके जमीनी स्तर की समस्याओं समझने के पश्चात उसके अनुसार नीतिगत बदलाव करके विकास कार्यों को गति देना है जिसके लिए कार्यों को निर्बाध रूप से गति देने के उद्देश्य से अब टेंडर करने की प्रक्रिया को और भी आसान और द्रुत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कार्य की गति द्रुत करने के लिए सभी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें ताकि तय समय सीमा में कार्य सम्पूर्ण होकर जनता को इसका लाभ मिले क्योंकि समयबद्ध विकास जनता का अधिकार है । अधिकारी समस्या उन्मुख न बनकर समाधान उन्मुख एप्रोच पर केंद्रित रहे ताकि किसी भी कार्य में आने वाली बाधाओं को जल्दी निपटान सुनिश्चित हो इसके लिए अपने पास निहित शक्तियों का प्रयोग करें ।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अधिकाधिक आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग करें तथा स्कीम, प्लानिंग, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट , आदि के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी को प्रयोग में लाएं। उन्होंने सभी अधिकारीयों को ई -ऑफिस का प्रयोग बढ़ाने के निर्देश दिए तथा कहा कि एस डीओ ऑफिस स्तर तक जल्दी ई ऑफिस शुरू करवाएं, सरकारी ई मेल (एनआईसी ) का प्रयोग करें तथा सभी कार्यों, स्कीमों के डाटा प्रविष्टियों को दो दिनों में पूर्ण करें।
उन्होंने कहा कि समस्त कार्यों की गुणवत्ता पर भी ध्यान रखें , प्रत्येक कार्य नियमों के अनुसार करें, नियमों को दरकिनार न करें प्रत्येक अधिकारी में अनुशासन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य ऑफिस मैनुअल के अनुसार ही निष्पादित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना बजट प्रावधान के कोई कार्य आरम्भ न करें हर कार्य की टाइमलाइन बनाएं तथा प्राथमिकताएं तय करें। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में परस्पर संवाद और सीखना , साझा करना आवश्यक है तथा भविष्य में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा ताकि सामूहिक रूप से सीख कर कार्य को बेहतर कर सकें।कार्यशाला के दौरान सभी वृत्त के कार्यों की प्रगति पीपीटी प्रस्तुति दी गई जिसके माध्यम से कार्यों की प्रगति की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर धर्मेन्द्र गिल ई-इन-चीफ ने मुख्यातिथि सहित समस्त अधिकारियों तथा प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यशाला में अतिरिक्त जिला उपायुक्त अश्वनी कुमार, मुख्य अभियंता ई. उपेन्द्र वैद्य, मुख्य अभियंता (पीएमयू) ई. हेमंत तंवर सहित समस्त अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता उपस्थित रहे।
कुल्लू ब्यूरो रिपोर्ट सुशांत शर्मा…..

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