मंडी : सेरी पंचायत में किसानों को कृषि वानिकी का प्रशिक्षण, वैज्ञानिकों ने बताए लाभ

मंडी,
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना–कैफेटेरिया के कृषि वानिकी घटक के अंतर्गत स्थानीय पहल के तहत गोहर खंड की सेरी पंचायत में एक दिवसीय ऑफ-कैम्पस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के उप परिसर औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग (गोहर–गुडाहरी) द्वारा आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. यूर्मिला कुमारी, डॉ. गरिमा और डॉ. कशिश वालिया ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए किसानों को आरकेवीवाई–कैफेटेरिया योजना के उद्देश्यों, दायरे और कृषि वानिकी के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान कृषि वानिकी की मूल अवधारणा, इसके लाभ, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उपयुक्त पौध प्रजातियों का चयन, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन और आजीविका बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर प्रतिभागियों को पौध सामग्री और ट्राइकोडर्मा का वितरण भी किया गया।

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