
सोलन:
सोलन के मुरारी मार्केट स्थित हाल में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) द्वारा आयोजित धर्म रक्षा निधि समर्पण कार्यक्रम में मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग जोरदार तरीके से उठी। कार्यक्रम में वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।
कार्यक्रम से पूर्व आयोजित पत्रकार वार्ता में भी इस विषय पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसके बाद जिला अध्यक्ष देव जैन और जिला मंत्री मनीष कुमार ने मुख्य वक्ता को हिमाचली परंपरा के प्रतीक ‘डांगरा’ भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि राणा रणजीत सिंह और विशिष्ट अतिथि गौतम सुराणा का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
अपने संबोधन में आलोक कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कई प्रमुख मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैं, जिससे उनके धार्मिक और प्रशासनिक फैसलों पर असर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों की आय और चढ़ावे का उपयोग पारदर्शिता के साथ धार्मिक और सामाजिक कार्यों में होना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में यह नियंत्रण सरकार के हाथों में है।
उन्होंने 2024 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मंदिरों की आय सैकड़ों करोड़ रुपये तक पहुंचती है, इसलिए इसका उपयोग श्रद्धालुओं और समाज के हित में होना जरूरी है। साथ ही, मंदिर ट्रस्टियों की सरकारी नियुक्ति को उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करार दिया और इस व्यवस्था में बदलाव की मांग की।
आलोक कुमार ने प्रदेश में बढ़ रहे कथित “लैंड जिहाद”, “लव जिहाद” और अवैध धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की और सरकार से सख्त कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से समाज में तनाव बढ़ रहा है, जिसे रोकना बेहद जरूरी है।
इस मौके पर प्रदेश के संगठन मंत्री प्रेम शंकर, प्रदेश मंत्री तुषार डोगरा एवं संरक्षक वैद्य रामकुमार बिंदल सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। वैद्य रामकुमार बिंदल ने धर्म रक्षा निधि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अपील की कि वे अपनी आय का कुछ हिस्सा इस कार्य के लिए समर्पित करें, जिससे समाज और धर्म की रक्षा के प्रयासों को मजबूती मिल सके।
मंच संचालन जिला संगठन मंत्री सिद्धार्थ शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में वैद्य रामकुमार बिंदल, देव जैन, मनीष कुमार, सिद्धार्थ शर्मा,व्यवसायी राणा रणजीत सिंह, गौतम सुराणा, चंद्र प्रकाश गुप्ता, भूषण परिवार, रोमी भारद्वाज, दीपक अग्रवाल, सुनीता ठाकुर, सुभाष अत्री, शैलेंद्र गुप्ता, चंद्रकांत शर्मा, विजय ठाकुर, सीमा कश्यप, गुरदीप साहनी, दुलो राम सन्नी, युवा मोर्चा एवं टीम, प्रजुवल पराशर एवं उनकी टीम, के.एस. कश्यप, ब्रह्मनंद , सरिता ठाकुर,चंपा, राजू राणा, विक्रांत घामटा ,ललित बजरंग दल सहित सोलन के विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने सरकार से धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।





