
हिमाचल प्रदेश में अब 3757 पंचायतों का आरक्षण रोस्टर ही 7 अप्रैल को जारी होगा। राज्य सरकार ने 196 नई पंचायतों का गठन किया था, जिससे प्रदेश में पंचायतों की संख्या 3773 हो गई थी। नई बनी 196 में से 16 पंचायतों के पुनर्गठन और सीमांकन के खिलाफ लोग हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने तय प्रक्रिया न अपनाने पर इन 16 पंचायतों के पुनर्गठन और सीमांकन को अवैध करार देते हुए पुरानी स्थिति पर चुनाव करवाने के आदेश दिए हैं।
पंचायतीराज विभाग ने डीसी को जारी किया पत्र
अब पंचायतीराज विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश के बारे में सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर दिया है और इसके आधार रोस्टर तैयार कर 7 अप्रैल तक जारी करने को कहा है। पंचायतीराज विभाग के सचिव की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि सीडब्ल्यूपी नंबर 3547/2026 महिला मंडल ग्राम उमरी व अन्य बनाम राज्य सरकार मामले में 31 मार्च को हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद निर्णय सुनाया था। इस निर्णय के बाद यह संशय उत्पन्न हो गया था कि क्या अदालत के निर्देश 13 फरवरी के बाद अधिसूचित सभी ग्राम पंचायतों पर लागू होंगे या केवल उन पंचायतों पर, जो इस याचिका का हिस्सा थीं।
38 प्रभावित और नई पंचायतों में रोस्टर होगा प्रभावित
इस संदर्भ में विभाग ने महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) से कानूनी राय ली। महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट का यह फैसला केवल उन्हीं पंचायतों पर लागू होगा, जो इस याचिका और उससे संबंधित मामलों में शामिल थीं। इस स्पष्टीकरण से अनावश्यक भ्रम दूर होगा और पंचायत चुनाव समय पर करवाने में मदद मिलेगी। विभाग के पत्र के मुताबिक, 38 प्रभावित और नई पंचायतों में रोस्टर प्रभावित होगा। 16 पंचायतों के वापस पुरानी स्थिति पर आने से उपायुक्तों का काम बढ़ गया है।





