Solan : नौणी विश्वविद्यालय को बागवानी श्रेणी में स्कोच सिल्वर अवार्ड, प्राकृतिक खेती परियोजना को राष्ट्रीय पहचान

डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी को बागवानी श्रेणी में प्रतिष्ठित स्कोच अवार्ड (सिल्वर) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय की अभिनव परियोजना ‘प्राकृतिक खेती आधारित एफपीसी के उद्यमिता सशक्तिकरण को संस्थागत तकनीकी हस्तक्षेपों के माध्यम से बढ़ावा देना’ के लिए मिला है।

वर्ष 2003 में स्थापित स्कोच अवार्ड देश में सुशासन, समावेशी विकास, प्रौद्योगिकी और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों और परियोजनाओं को दिया जाता है। इस पुरस्कार के लिए परियोजनाओं का चयन नागरिक प्रभाव, परिणामों और प्रगति के आधार पर किया जाता है, जिसमें विशेषज्ञ मूल्यांकन, सहकर्मी समीक्षा, फील्ड सत्यापन और हितधारकों की मतदान प्रक्रिया शामिल होती है।

विश्वविद्यालय की ओर से यह पुरस्कार निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. इंदर देव ने प्राप्त किया। यह परियोजना राज्य सरकार की प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना (PK3Y) पर आधारित है, जिसे वर्ष 2018 में शुरू किया गया था।

परियोजना के तहत विकसित SuSPNF प्लेटफॉर्म उत्पादन, प्रमाणन, संग्रहण और विपणन को एकीकृत करता है। यह ट्रू कॉस्ट अकाउंटिंग के जरिए किसानों को उचित मूल्य दिलाने के साथ खेत से उपभोक्ता तक उत्पादों की पूरी ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करता है। इसमें किसान हित समूह (FIGs), किसान उत्पादक संगठन (FPOs), हिमशिखर ऐप और CETARA-NF जैसी प्रणालियां शामिल हैं।

इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय के सतत और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के प्रयासों की बड़ी मान्यता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी किसानों को तकनीक, उद्यमिता और बाजार से जोड़कर मजबूत कृषि प्रणाली के निर्माण के लिए कार्य करता रहेगा।

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