
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
20 जून 2023

उद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी हमीरपुर के वानिकी विभाग ने मलाबार नीम पर शोध कार्य पूरा कर लिया है। 2017 से जारी शोध के बाद वैज्ञानिकों ने बताया कि किसान सफेदा व पॉपुलर जैसे पौधों के बजाय अब मलाबार नीम के पौधे लगाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगे। 600 से 1800 मीटर तक के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस पौधे को आसानी से उगाया जा सकता है। यह जहरीली हवा के दुष्प्रभावों को भी कम करेगा।
मुख्य शोधकर्ता व वानिकी विभाग में कार्यरत सहायक प्रोफेसर डॉ. दुष्यंत कुमार शर्मा ने बताया आमतौर पर किसान बंजर भूमि पर सफेदा व पॉपुलर के पौधे लगाते हैं। सफेदा पानी यानी नमी को सोख लेता है तो पॉपुलर के पत्तों के झड़ने से खेतों में फसल की पैदावार नहीं होती। लेकिन अब यदि एक हेक्टेयर भूमि पर 10 फुट की दूरी पर 1,100 के करीब मलाबार नीम के पौधे रोपे जाएं तो छह वर्षों में 15 लाख रुपये की कमाई हो सकेगी। छह वर्ष का पौधा होने पर इसे प्लाइवुड उद्योग में बेचा जा सकता है। 10 वर्ष आयु का होने पर फर्नीचर इंडस्ट्री को इसे आसानी से बेचा जा सकता है ताकि इसका इस्तेमाल लाइटवेट फर्नीचर बनाने में किया जा सके।
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