
जिला शिमला के सुन्नी थाना क्षेत्र में सतलुज नदी किनारे एक लापता युवक का शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दुर्गेश उर्फ काकू निवासी हिमरी, तहसील सुन्नी के रूप में हुई है, जो पिछले वर्ष दिसंबर माह से लापता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल 2026 को ततापानी के एक राफ्टिंग ऑपरेटर ने पुलिस को सूचना दी कि घरयाणा के समीप सतलुज नदी के किनारे पेड़ों के बीच एक शव फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से गली-सड़ी अवस्था में पहुंच चुके शव को बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम व पहचान के लिए नागरिक अस्पताल सुन्नी के शवगृह में रखा गया।
प्रारंभिक जांच में शव के हुलिए और कपड़ों का मिलान 21 दिसंबर 2025 को दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट से हुआ, जिसके बाद परिजनों को शिनाख्त के लिए बुलाया गया। 14 अप्रैल को परिजनों ने कपड़ों, जूतों और कद-काठी के आधार पर पुष्टि की कि शव दुर्गेश का ही है।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत पानी में डूबने से होने की पुष्टि हुई है। घटनास्थल के निरीक्षण में सामने आया कि सुन्नी-ततापानी मार्ग के कई हिस्से क्षतिग्रस्त और जोखिमपूर्ण हैं। साथ ही घने पेड़ों के कारण वहां अंधेरा रहता है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि अंधेरे में पैर फिसलने के कारण युवक नदी में जा गिरा होगा।
मृतक के परिजनों ने किसी प्रकार की रंजिश या संदेह व्यक्त नहीं किया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और धारा 194 BNSS के तहत मर्ग कार्रवाई शुरू कर दी है।





