
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. राजधानी Shimla समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है. मौसम विभाग ने राज्य के चार जिलों—कांगड़ा जिला, कुल्लू जिला, मंडी जिला और शिमला जिला—में भारी ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
बताया गया है कि अगले छह दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब बना रह सकता है. कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. वहीं मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है.
मौसम विभाग के अनुसार, Lahaul and Spiti district और Kinnaur district को छोड़कर राज्य के लगभग सभी जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है. 30 अप्रैल और 1 मई को भी कई जिलों में खराब मौसम का असर बना रहेगा.
2 मई को थोड़ी राहत, फिर 3 और 4 मई को बारिश तेज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2 मई को पश्चिमी विक्षोभ का असर थोड़ा कमजोर पड़ सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में हल्की राहत मिलेगी. लेकिन 3 और 4 मई को फिर से राज्य के अधिकतर हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. इससे तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है.
तापमान में भारी गिरावट, सोलन में 12 डिग्री तक लुढ़का पारा
बारिश और ओलावृष्टि के चलते राज्यभर में तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. Solan में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 12.5 डिग्री गिरकर 20.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया.
इसके अलावा Sundarnagar का तापमान 12 डिग्री घटकर 24.5 डिग्री, Bhuntar का 10.4 डिग्री गिरकर 24 डिग्री और Una का तापमान 9.4 डिग्री कम होकर 32.6 डिग्री दर्ज किया गया. गौरतलब है कि ऊना में दो दिन पहले तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था.
पहाड़ों पर लौटी ठंडक, लोगों को गर्मी से राहत
मौसम में आए बदलाव से प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में ठंडक लौट आई है. लंबे समय से पड़ रही गर्मी के बीच बारिश और तापमान में गिरावट से लोगों ने राहत महसूस की है.
प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश भी रिकॉर्ड की गई है. सोलन में 2.2 मिमी, शिमला में 0.4 मिमी, कल्पा में 0.7 मिमी, भुंतर में 0.2 मिमी, Manali में 1 मिमी और जुब्बड़हट्टी में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई.





