
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
19 अगस्त 2023

लोकतंत्र प्रहरी विधेयक पर राज्य सरकार के जवाब से राजभवन संतुष्ट नहीं है। इस विधेयक को एक बार फिर से राज्य सरकार को लौटाने की तैयारी है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सरकार से इस निरसन (रिपीलिंग) विधेयक को पारित करने और इस प्रावधान को खत्म करने का कारण पूछा था। सुक्खू सरकार ने विधानसभा में इस विधेयक के निरसन का प्रस्ताव रखते वक्त तर्क दिया था कि इसका लाभ विचारधारा विशेष से जुड़े राजनीतिक लोगों को दिया जा रहा है।
ऐसा ही जवाब राजभवन शिमला को भी दिया गया है। जयराम सरकार के वक्त में हिमाचल प्रदेश लोकतंत्र प्रहरी सम्मान विधेयक 2021 पारित किया गया तो इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को भेजा गया। इसे स्वीकृति मिलने के साथ विधि विभाग ने 18 मई, 2021 को इसकी अधिसूचना जारी की। इस अधिसूचना के अनुसार आपातकाल के दौरान राजनीतिक और सामाजिक कारणों के लिए आंतरिक सुरक्षा अधिनियम 1971 या भारत रक्षा अधिनियम 1971 के तहत जेल या पुलिस थाने में बंद होने वाले लोगों के लिए यह प्रावधान किया गया।
उन्हें सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद सरकार बदली तो मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बजट सत्र में लोकतंत्र प्रहरी सम्मान निरसन विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव सदन में रखा। भाजपा के हंगामे और वाकआउट के बीच इसको पारित कर दिया गया। फिर विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया। राज्यपाल ने इसे सरकार को भेजा और पूछा कि क्यों यह विधेयक निरस्त होना चाहिए। अब जवाब से दोबारा असंतोष जताते हुए इसे फिर सरकार को स्पष्ट जवाब देने के लिए लौटाया जा रहा है।
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